सब्जी मंडी में आने लगा नया प्याज भाव गिरने की संभावना

सब्जी मंडी में आने लगा नया प्याज भाव गिरने की संभावना
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HIMANSHU SHARMA | Updated: 11 Oct 2019, 10:46:49 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

स्टॉक सीमा तय करने के बाद भी कम नहीं हुए भाव

जयपुर

प्रदेश में प्याज की कीमतों में लगातार इजाफा होने के बाद स्टाॅक सीमा निर्धारित करने के बाद भी प्याज के भावों में कोई कमी नहीं आई हैं। लेकिन अब सब्जी मंडी के थोक व्यापारियों की माने तो नए प्याज की आवक शुरू हो गई है जिस कारण से प्याज की कीमतों में कमी आ सकती हैं। आगामी दिनों में आवक ज्यादा होने से प्याज के भावों में फिर से कमी आ जाएगी। लेकिन स्टॉक सीमा तय करने के बाद भी प्याज के भाव कम नहीं हुए और अभी भी प्याज 50 से 60 रुपए प्रतिकिलों तक बिक रहा है। लेकिन अब मध्यप्रदेश के अलावा नासिक सहित कई अन्य जगह से प्याज की नई आवक होने लगी है। नवरात्रों को देखते हुए पहले आवक कम थी। लेकिन अब आगामी दिनों में आवक बढ़ेगी। इससे भाव कम होने की उम्मीद हैं। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि कई जगह फसल खराब होने और त्योहार के दौरान मांग बढ़ने से प्याज के दाम बढ़े हुए है। लेकिन नया प्याज आने से अब प्याज के भाव फिर से 25 से 40 रुपए प्रति किलो आम जनता को उपलब्ध होगा। अगर आवक अच्छी रही तो भाव 20 से 30 रुपए प्रतिकिलो भी आ सकते है। मंडी व्यापारियों के अनुसार अभी प्याज आने लगा है लेकिन भाव कम नहीं हुए है। प्याज का थोक भाव 35 से 45 रुपए प्रति किलो है। खुदरा प्याज क्वालिटी के हिसाब से 45 से 55 रुपए तक भी बिक रहा है। वहीं अच्छी क्वालिटी का प्याज 55 से 60 रुपए प्रति किलो तक भी बिक रहा है। हालांकि प्याज के भाव बढ़ने पर केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार एके चौधरी के निर्देशानुसार 29 सितंंबर को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 10 के तहत प्याज को आवश्यक वस्तु घोषित करते हुए इस पर स्टॉक सीमा निर्धारित की थी। केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार 30 नवंबर तक प्याज थोक विक्रेता 500 क्विंटल और खुदरा व्यापारी 100 क्विंटल तक प्याज का भंडारण नहीं कर सकते है। इसके बाद राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने भी प्याज को स्टॉक सीमा से ज्यादा मात्रा में रखकर अनावश्यक जमाखोरी व कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई करनेे के निर्देश दिए थे। लेकिन फिर भी दामों में कमी नहीं आई।

यहां से आएगा प्याज
कारोबारियों के अनुसार महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से प्याज की नई फसल की आवक शुरू हो गई और अगले महीने तक नई फसल की आवक जोरों पर होगी। तब कीमतों में गिरावट आ सकती है। यही कारण है कि किसान प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का विरोध कर रहे हैं। वहीं किसानों का कहना है कि प्याज आपूर्ति की स्थिति अब काफी बदल गई है। किसानों के पास अब पिछले सीजन का बहुत कम प्याज बचा है। बहुत ज्यादा बारिश और मानसून लंबा का समय लंबा होने से इस बार के पैदावार को काफी नुकसान हुआ है। तो मुहाना मंडी के व्यापारियों का कहना है बाजार में अभी जो प्याज आ रहा है उसकी गुणवत्ता भी खराब है।प्याज की कीमतें पहले से ही काफी ज्यादा हो गई हैं इसलिए अब किसानों के पास दाम और बढ़ाने की गुंजाइश भी ज्यादा नहीं है। जनवरी में थोक बाजार में प्याज की कीमत सिर्फ 3 से 4 रुपये प्रति किलो थी जो जुलाई में बढ़कर 15 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। इसके बाद इनकी कीमतों में लगातार इजाफा होता गया।

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