खुशखबरी! मुख्यमंत्री ने दी नई भर्तियों की सौगात

- मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी

By: Sameer Sharma

Updated: 30 Jun 2021, 10:58 PM IST

बारह जिलों के न्यायालयों में एपीपी सहित 39 नए पदों पर शीघ्र होगी भर्ती

जयपुर। प्रदेश के 12 जिलों में नए 13 अपर जिला न्यायालयों में अपर लोक अभियोजक (एपीपी) सहित 39 नए पदों पर शीघ्र भर्ती होगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने बजट 2021-22 में नए न्यायालय खोलने की घोषणा की थी। विधि एवं विधिक कार्य विभाग की ओर से पिछले महीने 13 अपर जिला न्यायालय स्थापित करने के लिए अधिसूचना जारी की गई। ये न्यायालय अजमेर के नसीराबाद, अलवर के कठूमर, भरतपुर के वैर, बीकानेर के डूंगरगढ़, बूंदी के नैनवां, चित्तौड़गढ़ के बेगूं, चूरू के सरदारशहर, श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ एवं सादुलशहर, जालोर, सवाईमाधोपुर के गंगापुरसिटी, सीकर के नीम का थाना और सिरोही जिलों में खोले गए हैं। इन
न्यायालयों में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने के लिए अपर लोक अभियोजक एवं राजकीय अभिभाषक (अधिवक्ता संवर्ग) के 13 पदों के साथ-साथ क्लर्क ग्रेड-2 तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 13-13 पदों सहित कुल 39 नवीन पद सृजित किए जाएंगे।

माउंट आबू में पर्यटन विकास के लिए आबुरोड में होगा उपखंड कार्यालय

आबू पर्वत की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था व सुविधाएं बढ़ाने, औद्योगिक क्षेत्र के विकास तथा ईको सेंसटिव जोन के नियम कायदों को और प्रभावी तरीके से लागू करवाने के लिए आबू रोड में अब उपखंड कार्यालाय होगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिरोही जिले में आबूरोड में नए उप खण्ड कार्यालय तथा देलदर में नई उप तहसील के सृजन को मंजूरी दे दी है। आबूरोड में 4 भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त, 17 पटवार मण्डल एवं 55 राजस्व ग्राम शामिल होंगे। इसी प्रकार नवसृजित तहसील देलदर में 3 भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त, 12 पटवार मण्डल तथा 42 राजस्व ग्राम प्रस्तावित हैं। आबूरोड के लोगों को उपखण्ड कार्यालय से सम्बन्धित काम-काज के लिए आबू पर्वत नहीं जाना पड़ेगा। गहलोत ने वर्ष 2021-22 के बजट में प्रशासनिक इकाइयों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदेश में विभिन्न नए उपखण्ड एवं तहसील कार्यालय खोलने, उप तहसीलों के क्रमोन्नयन एवं नए उप तहसील कार्यालय खोलने की घोषणाएं की थीं।

उद्योगो को राहत पानी की दर में इस साल नहीं होगी वृद्धि

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोविड-19 के कारण औद्योगिक कार्यों के लिए पानी की दर में 10 प्रतिशत की प्रस्तावित वृद्धि को इस वित्तीय वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग की ओर से बचत और उचित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पानी की दरों में प्रति वर्ष 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की जाती है। राज्य सरकार ने कोरोना के कारण वित्तीय संकट से जूझ रहे उद्योगों को राहत पहुंचाने के लिए इस वित्तीय वर्ष में इस वृद्धि को स्थगित करने का फैसला किया है।

Sameer Sharma
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