पाेषकता बढ़ाने वाली सब्जियों की जरूरत पूरा करने के लिए नर्इ रिसर्च जरूरी

पाेषकता बढ़ाने वाली सब्जियों की जरूरत पूरा करने के लिए नर्इ रिसर्च जरूरी

Ashish Sharma | Publish: May, 19 2018 08:23:46 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

पोषकता बढ़ाने वाली सब्जियों के लिए रिसर्च जरूरी

जयपुर

बदलती जीवन शैली में फिट रहने के लिए अब लोग अनाज की जगह सब्जी और फलों का उपयोग करने लगे हैं। सब्जियों की मांग बढ़ रही है। हालांकि भारत में आजादी के समय के बाद से सब्जियों का उत्पादन बेतहाशा बढ़ा है लेकिन अभी भी भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के मुताबिक प्रति व्यक्ति सब्जी की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में सब्जियों की खेती को बढ़ावा देते हुए नए अनुसंधान करके ऐसी किस्मों को इजाद करने की जरूरत है जो पोषक तत्वों से भरपूर होने के साथ ही बदलते मौसम के हिसाब से खेती योग्य हों।


दुर्गापुरा स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान में अखिल भारतीय सब्जी अनुसंधान परियोजना की 36 वीं राष्ट्रीय बैठक में कृषि वैज्ञानिकों की चर्चा में यह बात सामने आई। बैठक में भाग लेने आए जोधपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बजरंग सिंह ने बताया कि आजादी के समय देश में सब्जियों का कुल उत्पादन करीब 15 मिलियन मीट्रिक टन था जो कि अब 176 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। कृषि वैज्ञानिकों के नवाचारों से यह संभव हुआ है लेकिन अभी इसे बढ़ावा देते हुए सब्जियों की गुणवत्ता बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के प्रति जारूकता बढ़ने से लोग फिटनेस के लिए अनाज के स्थान पर सब्जी और फलों का अधिक उपयोग करने लगे हैं। ऐसे में अच्छी सब्जियों की मांग बढ़ रही है।



vegetable

डब्ल्यूएचओ की यह सिफारिश
कुलपति डॉ बजरंग सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्ल्यूएचओ के मुताबिक प्रति वयस्क व्यक्ति को एक दिन में 300 ग्राम सब्जी मिलनी चाहिए लेकिन भारत में अभी 200 ग्राम से कुछ अधिक ही सब्जी मिल पा रही है। ऐसे में भारत में इस कमी को दूर करने के लिए सब्जियों के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत है।
नई किस्मों के लिए रिसर्च जरूरी
सब्जियों के उत्पादन के मामले में चीन विश्व में पहले स्थान पर है। जबकि भारत दूसरे। चीन में 575 मिलियन मीट्रिक टन सब्जियों का सालाना उत्पादन होता है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि सब्जियों की नई किस्में इजाद की जा रही हैं लेकिन अभी भी किसानों की आमदनी बढ़ाने वाली, कम पानी और समय में अधिक उत्पादन देने वाली, बीमारियों से मुक्त, पोषकीय क्षमता से भरपूर सब्जियों की किस्में विकसित करने के लिए रिसर्च की जरूरत है।
चुनौतियों पर हुई चर्चा
इस राष्ट्रीय कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिक डॉ कीर्ति सिंह, पदमश्री ब्रहृम सिंह, डॉ जी कल्लू, डॉ वीरेन्द्र सिंह यादव, डॉ ए.बी राय, डॉ के.वी पीटर, डॉ लवांडे, वाराणसी स्थिति रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ बिजन्दर सिंह समेत अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने नई नई जानकारियों साझा की। साथ ही सब्जियों में लगने वाली नई बीमारियों के साथ ही अन्य चुनौतियों पर चर्चा की।

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