दिल्ली की युवतियों से गैंगरेप मामले में आया नया मोड़, पुलिस ने कहा 'पीड़िताओं ने नहीं दी रिपोर्ट'

neha soni

Publish: Jun, 02 2019 01:19:01 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर / नागौर।

नागौर में नौकरी का झांसा देकर दिल्ली की दो युवतियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। गैंग रेप मामले में देरी से एफआईआर दर्ज करने के आरोप नकारते हुए जांच अधिकारी कार्यवाहक नागौर वृत्ताधिकारी श्रवणदास संत ने कहा कि युवतियों ने रिपोर्ट ही देरी से दी, जिसके कारण एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई।

 

नागौर पुलिस ने एक सप्ताह तक दबाए रखा मामला

जानकारी के अनुसार इस मामले को नागौर पुलिस ने एक सप्ताह तक दबाए रखा। पीडि़त युवतियां घटना के बाद सदर थाने पहुंची थीं, लेकिन सदर पुलिस ने मामला दर्ज करने की बजाए आरोपियों को पकडऩे का आश्वासन देकर उनको नागौर से ट्रेन से रवाना कर दिया। पीडि़ता की शिकायत पर अब नागौर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की है।


पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरतने के आरोप


वहीं मामले की जांच कर रहे वृत्ताधिकारी श्रवणदास संत ने कहा की इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है। गौरतलब है कि महिला थाने में दर्ज दिल्ली की युवतियों के साथ गैंग रेप मामले को लेकर पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरतने के आरोप लगे, जिस पर शनिवार को डीएसपी संत ने पत्रकारों को बताया कि पीडि़त युवतियों के अनुसार उनके साथ बलात्कार की घटना 25 व 26 मई को हुई। जबकि मामला 30 मई को दर्ज किया गया।

पुलिस का आरोप युवतियों द्वारा रिपोर्ट देरी से दी गयी


मामला दर्ज होने में देरी का कारण युवतियों द्वारा रिपोर्ट नहीं देना रहा। संत ने बताया कि 27 मई की शाम को दोनों युवतियां सदर थाने पहुंची तथा थानाधिकारी से सम्पर्क कर घटना की जानकारी दी। इसकी जानकारी उन्हें मिलने पर वे खुद थाने पहुंचे तथा दोनों युवतियों से जानकारी लेने के बाद रिपोर्ट देने के लिए कहा।

 

रिपोर्ट में बलात्कार का कोई जिक्र नहीं


रिपोर्ट के लिए थानाधिकारी ने उन्हें पेन व कागज दिया, जिस पर उन्होंने मात्र एक लाइन लिखी, जिसमें बलात्कार का कोई जिक्र नहीं किया गया। इसके बाद युवतियों ने कहा कि वे पहले परिजनों से सलाह-मशविरा करेंगी, इसके लिए उन्हें दिल्ली जाना है। काफी समझाइश के बावजूद उन्होंने रिपोर्ट नहीं दी तो उनके फोन नम्बर लेकर दिल्ली की रेल में बैठाया गया।

 

युवतियों ने वाट्सएप पर भेजी रिपोर्ट

दिल्ली पहुंचने के बाद भी युवतियों से सम्पर्क कर रिपोर्ट ऑनलाइन भिजवाने के लिए कहा, जिस पर उन्होंने 30 मई को युवतियों ने उनके मोबाइल पर वाट्सएप पर मैसेज भेजा, जिसका प्रिंट लेकर महिला थाने में गैंग रेप का मामला दर्ज कराया गया। डीएसपी संत ने बताया कि पुलिस बलात्कार के मामलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और मामले की गहनता से जांच कर रही है।


लापरवाही सामने आई तो होगी खिलाफ कार्रवाई


एसपी ने दिए जांच के आदेश डीएसपी संत ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने में पुलिस की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई, फिर भी अखबारों में प्रकाशित समाचार एवं सोशल मीडिया पर वायरल हुए मैसेज को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंगला ने एएसपी सरजीतसिंह मीणा को जांच के आदेश दिए हैं। मीणा इस मामले की जांच करेंगे कि घटना के पांच दिन बाद एफआईआर दर्ज होने के पीछे क्या कारण रहे। यदि इसमें किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली की दो युवतियों की ओर से नौकरी का झांसा देकर सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला महिला थाने में दर्ज कराया गया है। जानकारी के अनुसार इस मामले को नागौर पुलिस ने एक सप्ताह तक दबाए रखा। पीडि़त युवतियां घटना के बाद सदर थाने पहुंची थी लेकिन सदर पुलिस ने मामला दर्ज करने की बजाए आरोपियों को पकडऩे का आश्वासन देकर उनको नागौर से टे्रन से रवाना कर दिया। पीडि़ता की शिकायत पर अब नागौर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की है। प्रकरण के अनुसार पूर्वी दिल्ली निवासी युवती ने रिपोर्ट दी कि फेसबुक व मोबाइल के जरिए करीब 3-4 महीने पहले प्राइवेट जॉब दिलाने को लेकर नागौर निवासी दीपक व उसके दोस्तों से बातचीत हुई थी।


चाकू की नौक पर किया दुष्कर्म
दीपक व उसके दोस्तों ने तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए 20 हजार रुपए लेकर नागौर आने की बात कही। एसपी के नाम दिए पत्र में पीडि़ता ने बताया कि 25 मई को वह अपनी सहेली के साथ बस से नागौर पहुंची। अपराह्न करीब 3 बजे दीपक गाड़ी लेकर आया और दोनों को गाड़ी मेंं बैठाकर नागौर शहर के निकट सुनसान जंगल में ले गया। रात्रि 10 बजे के बाद एक युवती को गाड़ी से उतारकर पास ही बने कमरे में ले गया तथा दूसरी युवती गाड़ी में ही बैठी रही। इस दौरान दोनों युवतियों के साथ तीन-चार लडक़ों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। युवतियों ने जब विरोध किया तो गर्दन पर पिस्तौल व चाकू रखकर डराकर चुप करा दिया। 26 मई को दोपहर में तीन बजे दोनों युवतियों के साथ मारपीट की तथा नकदी व सोने के पैंडल छीनकर छोड़ दिया।


सदर पुलिस ने किया गुमराह
पीडि़ता ने बताया कि युवकों ने दोनों को जयपुर की बस में बैठा दिया। बस में सवार होने के बाद युवतियों ने कंडक्टर से थाने के बारे में जानकारी ली। बस कंडक्टर ने सदर थाने के सामने उतार दिया। युवतियों ने सदर थाने में घटना की जानकारी दी। सदर पुलिस ने रात्रि में एक बजे दोनों युवतियों को महिला कांस्टेबल को साथ भेजकर नागौर के रेलवे स्टेशन पर गाड़ी में बैठा दिया। पुलिस ने दीपक व उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर पीडि़त युवतियों को सूचना देने का हवाला देकर रवाना कर दिया। नागौर एसपी के निर्देश पर पीडि़ता की ऑनलाइन शिकायत पर शहर के महिला थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण की जांच नागौर एससीएसटी सेल के वृत्ताधिकारी श्रवणदास संत कर रहे हैं।

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