कोरोना इफेक्ट... बच्चों को पढ़ाई की चिंता, महिलाओं का भी बढ़ा काम

-लॉकडाउन की वजह से से पांच की जगह करना पड़ रहा आठ घंटे घर में काम

By: Ashwani Kumar

Published: 30 Mar 2020, 08:59 PM IST

जयपुर. कोराना वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए किए गए कि गए लॉकडाउन की वजह से बच्चों को पढ़ाई की चिंता सता रही है। सीबीएसई और राजस्थान बोर्ड के अलावा अन्य बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित होने से परिजन अब नए सिरे से बच्चों की पढ़ाई की समय सारिणी बना रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे भी अगली कक्षा में जाने के लिए घर पर ही रहकर तैयारी कर रहे हैं।
वहीं, महिलाओं का घर पर काम भी बढ़ गया है। पहले घर का काम और उसके बाद बच्चों को होमवर्क और रिवीजन करवाना सब महिलाओं के ही जिम्मे है। महिलाओं ने बातचीत में स्वीकार किया कि उनका अब तीन से चार घंटे अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है। सुबह नाश्ता, फिर खाना और दोपहर में बच्चों के लिए कुछ बनाना होता है। शाम होते ही फिर से खाने की चिंता शुरू हो जाती है।

सभी घर पर तो काम बढ़ गया
गांधी पथ निवासी ज्योति टांक कहती हैं कि बच्चे स्कूल नहीं जा रहे और ऑफिस भी बंद है। ऐसे में सभी सदस्य दिन भर घर पर ही रहते हैं तो काम बढ़ गया। अब दिन भर काम रहता है। लॉकडाउन से पहले दिन में आराम करने का समय मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। मानसरोवर निवासी स्वाति अलवानी कहती हैं कि बच्चों की पढ़ाई की चिंता रहती है।

...ताकि बच्चे कुछ भूलें ना
वैशाली नगर निवासी बृज जैसवाल की बेटी नर्सरी में है। शुरुआत के पांच सात दिन तक तो उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब वे अपनी बेटी को नियमित रूप से दो घंटे पढ़ा रही हैं। क्लास टीचर को होमवर्क भी नियमित रूप से भेजती हैं। कुछ ऐसा ही हाल सिरसी रोड निवासी प्रीति सक्सेना का भी है। उनकी बेटी वैष्णवी क्लास दो में है। छुट्टियों की वजह से उसका पढ़ाई में व्यवधान न पड़े, इसके लिए वे रोज दो घंटे पढ़ाती हैं।

Ashwani Kumar Reporting
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