रिडको पर बुधवार को लगेगी केन्द्र की मुहर, राज्य ने दिलाया 'सहयोग' का भरोसा

- एनआइसीडीआईटी की बैठक बुधवार को, शेयर होल्डर और स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट का मसौदा पेश करेगा राज्य

 

By: Pankaj Chaturvedi

Updated: 12 Jul 2021, 10:03 PM IST

जयपुर. प्रदेश में दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसी) को गति देने के लिए प्रस्तावित नए राजस्थान इंडस्टिï्रयल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (रिडको) पर बुधवार को केन्द्र की मुहर लग सकती है। केन्द्र सरकार के नेशनल इंडस्टिï्रयल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इंपलीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआइसीडीआईटी) की वर्चुअल बैठक में राज्य सरकार रिडको का मसौदा मंजूरी के लिए रखेगी। इसके साथ ही नई कंपनी के शेयर होल्डर एग्रीमेंट और स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट के प्रारूप भी ट्रस्ट के समक्ष विचार के लिए रखे जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार राज्य ने नए कॉर्पोरेशन को डीएमआइसी के स्पेशल पर्पज व्हीकल के तौर पर मंजूरी की मंत्रिमंडलीय आज्ञा जारी कर दी गई है। इसी के आधार पर रीको अपना प्रस्ताव केन्द्र के सामने रखेगा। रिडको में रीको और एनआईसीडीआइटी दोनों का शेयर होगा। इसलिए शेयर होल्डर एग्रीमेंट इन दोनों एजेन्सियों के बीच होगा। जबकि, स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट त्रिपक्षीय समझौता होगा, जिसमें दोनों एजेंसियों के अलावा राज्य सरकार भी एक पक्ष होगा। सपोर्ट एग्रीमेंट में राज्य सरकार परियेाजना को भूमि, बिजली, पानी आदि में सहयोग देने का भरोसा केन्द्र को देगी।
प्रदेश में डीएमआइसी के प्रथम चरण में प्रस्तावित खुशखेड़ा- भिवाड़ी-नीमराणा और जोधपुर-पाली-मारवाड़, दोनों ही निवेश क्षेत्रों के लिए संचालन की एजेंसी रिडको ही होगी। ऐसे में केन्द्र की हरी झंडी मिलने के बाद रीको इन क्षेत्रों में अवाप्त भूमि कंपनी में समर्पित करेगी। इसी आधार पर केन्द्रीय टï्रस्ट से आर्थिक सहायता मिल सकेगी। इधर, अधिकारियों ने बताया कि खुशखेड़ा भिवाडी नीमराणा क्षेत्र में भूमि अवाप्ति का मुआवजा वितरण की तैयारियां पूरी कर ली गई है। योजना के अनुसार इस क्षेत्र में 42 गांवों में कुल 532 हैक्टेयर भूमि के लिए करीब 418 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाना है।

Pankaj Chaturvedi
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