राजस्थान: अब जीत पाने के लिए कांग्रेस-BJP ने शुरू की ये 'कसरत', नेताओं को संभाला मोर्चा

निकाय चुनाव में फिर दिखेगी राजनीतिक दलों की ‘बाडाबंदी’, कांग्रेस-भाजपा नेतृत्व के निर्देश पर एक्टिव हुए नेता, मतदान पूरा होते ही ‘बाड़ों’ में कैद होंगे प्रत्याशी!
होटल-धर्मशालाओं में प्रशिक्षण के नाम पपर जुटाएंगे समर्थन

 

By: nakul

Published: 28 Jan 2021, 02:27 PM IST

जयपुर।

निकायों में मतदान के बाद चुनावी स्थितियां अपने पक्ष में बनाने के लिए राजनीतिक दलों ने बाडाबंदी की भी पूरी योजना बना ली है। सूत्रों के मुताबिक़ कांग्रेस-भाजपा प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर पार्टियों के स्थानीय सांसदों-विधायकों व अन्य नेताओं को चुनाव परिणाम बाद बाडाबंदी करने के निर्देश दिए गए हैं। हर बार की तरह इस बार भी विजयी रहे प्रत्याशियों की बाडाबंदी प्रशिक्षण के नाम पर किये जाने की तैयारी है।


बाडाबंदी की तैयारियां शुरू, नेता हुए एक्टिव
निकाय चुनाव में मतदान के बाद की स्थितियों को अपने पक्ष में बनाने के मकसद से राजनीतिक पार्टियों ने अभी से ही बाडाबंदी की तैयारियां तेज़ कर दी हैं। दोनों ही दलों का पूरा फोकस अब बाडाबंदी पर केन्द्रित है। निकाय स्तर पर पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक़ दोनों ही दलों के प्रदेश मुख्यालयों से चुनाव की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

जीत के दावे, पर बाडाबंदी की तैयारी
कांग्रेस-भाजपा भले ही निकाय चुनाव में जीत के दावे कर रही हों, लेकिन फिर भी किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में दिखाई नहीं दे रहीं। बताया जा रहा है की स्थानीय स्तर के नेताओं को अभी से ही निर्दलीयों पर निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ नेताओं के तो निर्दलीयों से संपर्क साधने की भी अपुष्ट खबरें चर्चाओं में हैं।

पंचायत-निकाय चुनाव में भी हुई थी बाडाबंदी
प्रदेश में हालिया हुए पंचायत और निकाय चुनाव में भी राजनीतिक दलों की ज़बरदस्त तरीके से बाडाबंदी देखने को मिली थी। मतगणना से सामने आये नतीजों के बाद दोनों दलों ने विजयी प्रत्याशियों को होटलों-धर्मशालाओं पर बाडाबंदी में ठहराया था। वहीं कुछ बादाबंदियाँ तो प्रदेश से बाहर होने की भी चर्चाएं रही।

nakul Desk
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