निर्भया केस: राजस्थान में होने का 'अंतिम' दावा भी खारिज, मुकेश समेत 4 को कल होगी फांसी

सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने देश को दहला देने वाले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या ( Nirbhaya Gang Rape Case ) मामले के गुनाहगार मुकेश ( Mukesh Singh ) की नई याचिका भी गुरुवार को खारिज कर दी।

By: nakul

Updated: 19 Mar 2020, 06:07 PM IST

जयपुर।

सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने देश को दहला देने वाले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या ( Nirbhaya Gang Rape Case ) मामले के गुनाहगार मुकेश ( Mukesh Singh ) की नई याचिका भी गुरुवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की खंडपीठ ने याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि दोषी ने सारे कानूनी उपायों को इस्तेमाल कर लिया है। मुकेश की अंतिम गुहार खारिज होने से ये तय हो गया है कि शुक्रवार को सुबह साढ़े 5 बजे सभी चार दोषियों को फांसी पर लटका दिया जाएगा।

गौरतलब है कि निर्भया के दोषियों ने फांसी से बचने के लिए हर तरह की कोशिशें की। यहाँ तक की दोषियों ने अपनी याचिका में कोरोना वायरस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा है कि महामारी के समय में उन्हें फांसी नहीं दी जानी चाहिए। यह उचित समय नहीं है। दोषियों के वकील एपी सिंह का कहना था कि तिहाड़ में कुछ जगहों पर कोरोना का कहर है, जिसकी चपेट में कैदी भी आए हैं। उनका कहना है कि इसको ध्यान में रखा जाना चाहिए।


पहले भी खारिज हुई थी याचिका

गौरतलब है कि दोषी मुकेश की राहत पाने सम्बन्धी एक याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। वकील एम एल शर्मा ने कोर्ट में याचिका दाखिल करके कहा था कि मुकेश को पुलिस ने 17 दिसंबर को राजस्थान के करोली से गिरफ्तार किया था। ऐसे में वो 16 दिसंबर को हुई घटना के वक्त दिल्ली में था ही नहीं। पुलिस ने तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की थी। लिहाजा मुकेश के खिलाफ फांसी की सजा को रद्द किया जाए।

मामले को दोबारा खोलने का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

खंडपीठ ने कहा, ''हमें इस जनहित याचिका के तहत मामले को दोबारा खोलने का कोई आधार नहीं दिखता।'' न्यायालय ने कहा कि दस्तावेज ट्रायल का विषय हैं। एक बार ट्रायल प्रक्रिया समाप्त हो जाने के बाद, इस सब को आगे नहीं लाया जा सकता।


इससे पहले मुकेश के वकील एमएल शर्मा ने दलील दी कि वह यहां फांसी में देरी के लिए नहीं आए। दोषी कानूनी ढांचे के अनुरूप अपने भाग्य को स्वीकार करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि वह उन दस्तावेजों पर गौर कराना चाहते हैं जो उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए। कई दस्तावेज पुलिस ने छिपाए थे।


शर्मा ने कहा कि मुकेश सिंह की गिरफ्तारी और रिमांड से संबंधित कागजात दो राज्य सरकारों के बीच के दस्तावेज हैं। 17 दिसंबर की शुरुआत में वह कारोली राजस्थान में था।
वकील ने वारदात के समय दोषी मुकेश की कॉल डिटेल, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज मंगाकर उनकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की गुहार लगाई लेकिन न्यायालय ने इस दलील को भी खारिज कर दिया।

दोषी अक्षय ने भी लगाई अंतिम गुहार
इधर, निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के गुनाहगार अक्षय सिंह ठाकुर ने भी दया याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ बुधवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। दोषी अक्षय सिंह ठाकुर ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल कर राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज करने के फैसले को चुनौती दी है। याचिका में उसने कहा है कि राष्ट्रपति ने सही तरीके से दया याचिका का निपटारा नहीं किया। इसलिए उसकी फांसी की सजा पर रोक लगाई जाए।

nakul Desk
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