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देश के 11 हजार बीएड कॉलेज में नहीं होंगे एडमिशन

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षक परफॉर्मेंस रिपोर्ट नहीं भरने पर देश भर के 11 हजार बीएड कॉलेजों के प्रवेश पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। इस सूची में राजस्थान के 400 तथा अलवर जिले के 22 बीएड कॉलेज शामिल हैं।

जयपुर

Published: May 12, 2022 09:44:29 pm

अलवर. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षक परफॉर्मेंस रिपोर्ट नहीं भरने पर देश भर के 11 हजार बीएड कॉलेजों के प्रवेश पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। इस सूची में राजस्थान के 400 तथा अलवर जिले के 22 बीएड कॉलेज शामिल हैं।
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एनसीटीई ने 3 मई 2022 को एक पब्लिक नोटिस निकाला जिसमें परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट नहीं भरने वाले शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय को शिक्षा-सत्र 2022 - 23 में नए प्रवेश नहीं दिए जाएंगे तथा इन महाविद्यालयों को जीरो सीट घोषित कर दिया गया है । एनसीटीई बीते पांच वर्षों से लगातार इन महाविद्यालयों को नोटिस देकर परफॉर्मेंस रिपोर्ट का फॉर्म भरने की कह रही थी, जिससे भविष्य में महाविद्यालय की मान्यता नियमित रूप से जारी रह सके। बहुत से गैर सरकारी निजी शिक्षण महाविद्यालय एनसीटीई को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पक्ष में नहीं थे। ये महाविद्यालय सर्वोच्च न्यायालय तक गए लेकिन इसमें छूट नहीं दी गई। सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी महाविद्यालयों को परफॉरमेंस रिपोर्ट भरना आवश्यक है। इसके बावजूद भी देश भर के 11 हजार शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों ने यह रिपोर्ट नहीं भरी । राजस्थान के लगभग 400 कॉलेज ने यह रिपोर्ट नहीं भरी और अलवर के 22 कॉलेज ने यह रिपोर्ट नहीं भरी । इस कारण इन महाविद्यालयों में नए प्रवेश नहीं होंगे । अब एनसीटीई इन महाविद्यालयों की जांच करेगी जिन्होंने परफॉर्मेंस रिपोर्ट का फार्म भर दिया है लेकिन उनके पास धरातल पर कुछ नहीं है। उन कॉलेजों की लिस्ट भी एनसीटीई जल्दी ही जारी होगी जिनमें धरातल पर आवश्यक सुविधाएं तक नहीं है। जबकि इन्हीं सुविधाओं के आधार पर बीएड कॉलेजों को मान्यता दी जाती है। ऐसे कॉलेजों में भी प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी।
अलवर जिले में परफॉर्मेंस रिपोर्ट नहीं भेजने वाले बीएड कॉलेजों में आनंद टीटी कॉलेज कराना, बीआरटीटी कॉलेज बहरोड़, बीरबल मेमोरियल टीटी कॉलेज बानसूर, सीआर टीटी कॉलेज महाराजावास, दीप इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ एजुकेशन झरखा, हरसौली, चिल्ड्रन एकेडमी बीएड कॉलेज, बख्तल की चौकी, हर्ष टीटी कॉलेज, गोविन्दगढ़, कर्मभूमि कॉलेज, गूंती बहरोड़, कर्म मनोविकार संस्थान, अलवर, एलबीएस टीटी कॉलेज, डूमरोली, लार्डस कॉलेज, हमीरपुर, बहरोड़, इंटरनेशनल टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, तिजारा रोड, चिकानी, माडर्न महिला बीएड कॉलेज, अलवर, नीलम टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, तलवाड़, बहरोड़, रामानंद विद्या मंदिर, थानागाजी, रामानुजन कॉलेज, नीमराणा, संपत टीटी कॉलेज बानसूर, संस्कार भारती टीटी कॉलेज ,सिहाली खुर्द, मुंडावर, सरस्वती टीटी कॉलेज, पीपली बहरोड़, महादेवी महिला टीटी कॉलेज नारायणपुर, सुगनी देवी महिला टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, रूपबास अलवर शामिल हैं।

आदेश नहीं आए, एनसीटीई ने वेबसाइट पर लिखा
इस बारे में ऑल राजस्थान प्राइवेट कॉलेज फैडरेशन के अध्यक्ष रहे शिक्षाविद रितेश शर्मा का कहना है कि अभी राजस्थान में इसे लागू नहीं किया है जिसमें हाई कोर्ट के निर्णय का इंतजार है। यह सही है कि जिले के 22 कॉलेजों में एक साल के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
-स्वामी केशवानंद टीचर्स ट्रेंनिंग गर्ल्स कॉलेज, लक्ष्मणगढ़ अलवर।

-ओंकार मल टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, अलवर।

अलवर के 22 बीएड कॉलेजों ने पहले से राजस्थान उच्च न्यायालय से स्टे ले रखा है लेकिन यह मामला सर्वोच्च न्यायालय से खारिज हो गया है। अब राजस्थान उच्च न्यायालय से कॉलेज संचालकों को कुछ समय मिलने की उम्मीद है।
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Anand Mani Tripathi

आनंद मणि त्रिपाठी राजस्थान पत्रिका में राजनीति, अपराध, विदेश, रक्षा एवं सामरिक मामलों के पत्रकार हैं। पत्रकारिता के तीनों माध्यम प्रिंट, टीवी और आनलाइन में गहरा और अपनी तेज तर्रार रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के कानपुर और बस्ती में हुई। माध्यमिक शिक्षा नवोदय विद्यालय बस्ती, फैजाबाद और पूर्वोत्तर त्रिपुरा के धलाई जिले में हुई। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय से स्नातक और 2009 में जेआईआईएमसी,दिल्ली से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया। हरियाणा से पत्रकारिता आरंभ की। शिक्षा, विज्ञान, मौसम, रेलवे, प्रशासन, कृषि विभाग और मंत्रालय की रिपोर्टिंग की। इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग से शिक्षा और रेलवे विभाग के कई भ्रष्टाचार का खुलासा किया। रक्षा मंत्रालय के रक्षा संवाददाता पाठयक्रम-2016 पूरा किया। इसके बाद रक्षा मामलों की पत्रकारिता शुरू कर दी। चीन, पाकिस्तान और कश्मीर मामलों पर तीक्ष्ण नजर रहती है। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्या 2017, राइफलमैन औरंगजेब की हत्या 2018, जम्मू—कश्मीर में बदले 2018 में बदले राजनीतिक समीकरण, पुलवामा हमला 2019, कश्मीर से 370 का हटना, गलवान घाटी मुठभेड़ 2020 को बेहद करीब से जम्मू और कश्मीर में रहकर ही कवर किया। कोरोना काल 2020 में भी लददाख से नेपाल तक की यात्रा चीन के बदलते समीकरण को लेकर की। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव 2019 में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की रिपोर्टिंग की। 9 नवंबर 2019 को श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या मामले में आए फैसले की अयोध्या से कवर किया। 2022 उत्तरप्रदेश् चुनाव को सहारनपुर से सोनभद्र तक मोटर साइकिल के माध्यम से कवर किया। पत्रकारिता से इतर आनंद मणि त्रिपाठी को संगीत और पर्यटन का जबरदस्त शौक है। इन्हें किसी भी कार्य में असंभव शब्द न प्रयोग करने के लिए जाना जाता है...

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