इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्‍टेशन के लिए लाइसेंस जरूरी नहीं

Swatantra Jain

Publish: Apr, 17 2018 01:45:34 PM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्‍टेशन के लिए लाइसेंस जरूरी नहीं

इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्‍पष्‍टीकरण, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी चार्ज सेवा के रूप में वर्गीकृत

बिजली मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बैटरी चार्ज करने को सेवा के रूप में वर्गीकृत किया है। मंत्रालय के इस कदम से इन बैटरी चार्जिंग स्टेशनों के परिचालन के लिए अब किसी तरह के लाइसेंस को लेने की कोई जरूरत नहीं होगी। इससे ई-वाहनों के उपयोग को बल मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
बता दें, बिजली कानून के तहत बिजली पारेषण, वितरण व कारोबार के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है। इसलिए सभी इकाइयों को उपभोक्ताओं को बिजली बेचने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता है। मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण में कहा है कि ई-वाहनों की चार्जिंग के दौरान स्टेशन बिजली पारेषण, वितरण या कारोबार का कोई काम नहीं करता। इसलिए चार्जिंग स्टेशन के जरिये इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी की चार्जिंग के लिए बिजली कानून 2003 के तहत कोई लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी।
इलेक्ट्रिक वाहन वि-निर्मातओं के संगठन एसएमईवी के निदेशक सोहिंदर गिल ने सरकार की इस पहल को प्रगतिशील कदम बताया है। उन्होंने कहा कि देश में चार्जिंग ईकोसिस्‍टम बनाने की दिशा में यह प्रमुख बाधा थी। एसएमईवी ने सरकार से जमीन अधिग्रहण सहित अन्य मुद्दों पर भी ध्यान देने को कहा है। इस स्पष्टीकरण में हालांकि अन्य ब्यौरा नहीं दिया गया है।

2021 तक 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहन लांच करेगी ओला
वहीं राइड मुहैया कराने वाली प्रमुख कंपनी ओला ने सोमवार को कहा कि वह देश भर के शहरों में शटल सेवाओं के लिए अगले 12 महीने में 10,000 इलेक्ट्रिक रिक्शा और ई-ऑटो-रिक्शा लांच करेगी. ओला ने यहां एक बयान में कहा, “हम सतत परिवहन के प्रति प्रतिबद्धता के तहत साल 2021 तक 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहन लांच करेंगे.”

इलेक्ट्रिक संस्करण से होगा सेवा में सुधार
कंपनी ने कहा कि तिपहिया साइकिल रिक्शा और ऑटो-रिक्शा देश भर में शहरों में परिवहन का एक सामान्य साधन है. उनका इलेक्ट्रिक संस्करण लाने से ड्राइवरों और यात्रियों दोनों के लिए अच्छा होगा. बयान में कहा गया, “हम ड्राइवर्स -पाटनर्स, शहरों, विनिर्माताओं और बैटरी कंपनियों के साथ मिलकर किफायती और टिकाऊ मोबिलिटी मुहैया कराएंगे.” कंपनी अपनी एप आधारित सेवा से ग्राहकों को साफ-सुथरी, आरामदायक और सुरक्षित सेवाएं मुहैया कराएगी.
ओला के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाविश अग्रवाल ने कहा, “चूंकि तिपहिया वाहन लोगों का रोजमर्रा का आवागमन का साधन और आजीविका स्त्रोत है. इसका इलेक्ट्रिक संस्करण सभी हितधारकों के लिए सेवा में सुधार करेगा तथा शहरों में प्रदूषण को भी कम करेगा.” कंपनी ने राज्य सरकारों से गुजारिश है कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों की तैनाती के लिए पर्यावरण नीति तैयार करें.

 

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned