केरल और पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा फीस तो देनी होगी

(Kerala Highcourt ) केरल और (Panjab and Hariyana Highcourt ) पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने अभिभावकों को (Lock Down period) लॉक डाउन पीरियड की (Fee waiver) फीस माफी में किसी प्रकार की (relief) राहत देने से (denied) इनकार कर दिया है।

By: Mukesh Sharma

Published: 01 Jul 2020, 04:52 PM IST

जयपुर
(Kerala Highcourt ) केरल और (Panjab and Hariyana Highcourt ) पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने अभिभावकों को (Lock Down period) लॉक डाउन पीरियड की (Fee waiver) फीस माफी में किसी प्रकार की (relief) राहत देने से (denied) इनकार कर दिया है। केरल हाईकोर्ट ने एक पीआईएल खारिज करते हुए कहा है कि चाहे लॉक डाउन हो या नहीं टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टॉफ को तो वेतन देना ही होगा। हालांकि कोर्ट ने माना है कि मेटेनेंस के खर्चे मांगने पर विचार किया जा सकता है लेकिन,इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से कोई बहस नहीं की गई। कोर्ट ने कहा है कि पिछले साल और वर्तमान वर्ष की फीस में कोई अंतर नहीं है इसलिए भी लॉक डाउन पीरियड की फीस माफ करने की गुहार नहीं मानी जा सकती। कोर्ट ने सभी सीबीएसई स्कूलों में एक समान फीस तय करने के लिए सरकार को कोई निर्देश देने से भी इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि अन्य राज्यों में भी सरकारों ने फीस नहीं देने पर छात्रों के नाम नहीं काटने और आॅन लाइन क्लास में पढने देने तथा कोर्स मैटिरियल देने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं ने स्कूलों को तिमाही के स्थान पर हर महीने फीस लेने के निर्देश देने की गुहार भी की थी। हाईकोर्ट ने पीआईएल खारिज करते हुए स्कूल को अभिभावकों की हर महीने फीस देने की प्रार्थना पर विचार करने को कहा है।
लॉक डाउन में आॅन क्लास हुई या नहीं तो भी स्कूल फीस लेने को स्वतंत्र....
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने लॉक डाउन खुलने के आधार पर सभी स्कूलों को टयूशन फीस लेने की छूट दी है। चाहे स्कूलों ने लॉक् डाउन के दौरान आॅन लाईन क्लास चलाई हो या नहीं।
हालांकि कोर्ट ने स्कूलों को लॉक डाउन अवधि में हुए वास्तविक खर्चे ही लेने और 2020—21 में फीस नहीं बढाने को कहा है।कोर्ट ने फीस नहीं देने में असमर्थ अभिभावकों के आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के निर्देश भी दिए हैं। यदि कोई अभिभावक आवेदन पर स्कूल मैनेजमेंट के आदेश से असंतुष्ट हो तो उसे पंजाब स्कूल फीस नियंत्रण आॅथोरिटी के पास जाने को कहा है।
हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई स्कूल फीस बढोतरी नहीं करने के कारण आर्थिक परेशानी में हो तो वह जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं। कोर्ट ने फीस देने में असमर्थ बच्चों के नाम नहीं काटने के 14 मई के निर्देश केा बरकरार रखा है।

Mukesh Sharma
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