ऐसा नेशनल हाईवे, जिस पर 10 किमी तक कोई पेड़ नहीं, प्रशासन ने जनता को छोड़ा प्रदूषण के हवाले

राजधानी से जुड़ा यह संभवतया: पहला ऐसा नेशनल हाईवे है, जिस पर यह हालात है।

By: santosh

Published: 28 Apr 2018, 08:00 AM IST

जयपुर। जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर खानियां से कानोता तक करीब 10 किमी के क्षेत्र में एक भी पेड़ नहीं है। राजधानी से जुड़ा यह संभवतया: पहला ऐसा नेशनल हाईवे है, जिस पर यह हालात है।

 

देखते ही देखते सड़क काे विरान बना दिया
बताया जाता है कि यह क्षेत्र 2007 से पहले सघन हरियाली से आच्छादित हुआ करता था। नीम, पीपल , शीशम, सहित कई किस्मों के बड़े बड़े छायादार पेड़ ना सिर्फ राजमार्ग की रौनक बढ़ाते थे बल्कि राहगीरों को ठंडी छांव की सुकून भी देते थे। बाद में फिर राजमार्ग फोर लेन में बदला तो हरे-भरे पेड़ों को काट दिया और देखते ही देखते सड़क काे विरान बना दिया।

 

हरा भरा क्षेत्र कंक्रीट के जंगल में तब्दील
लोगों का गांवों से शहर की ओर रूख करने से यहां का हरा भरा क्षेत्र कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो गया। यहां से रोजाना हजारों की तादाद में यहां से गुजरते वाहनों से बढ़ता प्रदूषण लोगों के जीवन पर संकट बन गया। इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासन ने पर्यावरण के संतुलन का घ्यान रखा और ना ही यहां के बांशिदों के शुद्ध प्राण वायु मिलने के बारे में कुछ सोचा।

 

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फोर लेन बनाने के लिए यहां लगे हरे भरे करीब 17000 पेड़ काटे थे
गौरतलब है कि सड़क निर्माण करने वाली कंम्पनी ने हाईवे पर फोर लेन बनाने के लिए यहां लगे हरे भरे करीब 17000 पेड़ काटे थे। इसके एवज में कंपनी को निर्माण कार्य पूरा होने तक दोगुने पेड़ लगाने थे। जो कि निर्माण के पहले ही सरकार से तय हुआ था। बाद में कंपनी ने कानोता तक तो पौधे रोपने की औपचारिकता भर की जिसका खामियाजा यहां की जनता को भोगना पड़ रहा है।

 

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