scriptNow every road will be recognized on the theme of the same city | अब हर सड़क को उसी शहर की थीम पर मिलेगी पहचान | Patrika News

अब हर सड़क को उसी शहर की थीम पर मिलेगी पहचान

शहरों में बसावट की थीम, उसके एतिहासिक महत्व, स्वरूप के आधार पर नामकरण हो

जयपुर

Published: August 14, 2021 11:11:03 pm

भवनेश गुप्ता
जयपुर। विदेशों की तर्ज पर राज्य में शहरों की हर सड़क, गली, रास्तों, चौराहों को अब पहचान मिलेगी। इनका नामकरण उसी शहर के एतिहासिक व अन्य महत्व के आधार पर होगा। प्रमुख व्यक्तियों, स्वतंत्रता सेनानी, शहीदों के नाम पर भी सड़कों के नाम रखे जा सकेंगे। इसके लिए पहले जनप्रतिनिधियों की सलाह लेनी होगी और उसके बाद जनता से आपत्ति-सुझाव की प्रक्रिया होगी। यानि, नगरीय निकायों की मनमनी नहीं चल पाएगी। नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग ने इसकी पालना के आदेश जारी कर दिए हैं। खास यह भी है कि जनता हर रास्ते, सड़कों की चौड़ाई भी पता चलेगी। इसके लिए हर सड़क के मार्गाधिकार निर्धारित होंगे और उसके संबंधित इलाके में अंकित किया जाएगा। पहली बार है जब इस तरह की कवायद शुरू की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहरों में बसावट की थीम, उसके एतिहासिक महत्व, स्वरूप के आधार पर नामकरण हो। इससे पर्यटकों को सड़क, चौराहों के नाम से भी उस शहर का महत्व पता चल सके।
अब हर सड़क को उसी शहर की थीम पर मिलेगी पहचान
अब हर सड़क को उसी शहर की थीम पर मिलेगी पहचान
जयपुर के प्रताप नगर की तर्ज पर
जयपुर के प्रताप नगर इलाके को मेवाड़ के एतिहासिक धरोहर, वीरों के नाम और नदियों के नाम पर पहचान दी गई है। यहां हल्दीघाटी मार्ग, कुंभा मार्ग, चेतक मार्ग, भामाशाह मार्ग, महाराणा अजय मार्ग के अलावा पन्नाधाय सर्किल, महाराणा प्रताप सर्किल के नाम पर है। इसी तरह अपार्टमेंट को अलकनंदा, नर्मदा, सतलज, गोमती, सरस्वती नदियों के नाम से पहचान दी गई है। इसी तर्ज पर शहरों, इलाकों को पहचान दी जाएगी।
मार्गाधिकार नहीं होने से परेशानियों का अंबार
-सड़कों का मार्गाधिकार निर्धारित नहीं होने के कारण सड़क चौड़ाई, भूखंड का स्वामित्व, सड़क सीमा में अतिक्रमण, भवन निर्माण स्वीकृति सहित अन्य मामलों में निर्णय लेने में कठिनाई हो रही है।
-सड़क मार्गाधिकार के अनुरूप नगरीय विकास कर निर्धारण में भी गफलत की स्थिति बन रही है।
-भवन, इमारत का अलाइनमेंट का भी वैधानिक रूप से निर्धारण नहीं है। इससे भूखंडों की माप और क्षेत्रफल अलग-अलग होने के कारण भवन रेखा निर्धारित करदी जाती है, जिससे सड़क का मार्गाधिकार भी प्रभावित होता है।
-सड़क, मार्ग, गलियों, रास्तों का नामकरण नहीं होने से आगंतुकों, पर्यटकों, स्थानीय लोगों को भी संबंधित स्थान तक पहुंचने में कठिनाई आ रही है।
विदेशों का उदाहरण, नामकर होगा तो पहुंच होगी आसानी
कई देशों के सभी शहरों में हर सड़क,मार्ग, गली, चौराहों का नामकरण है,साइनेज लगाए गए हैं। इससे शहर में किसी भी स्थान तक पहुंचने में किसी भी आगंतुक को दिक्कत नहीं होती। साथ ही इसकी सूचना जीओ—टैग होने के कारण गूगल या अन्य किसी भी मैप एप्लीकेशन के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है।
अधिनियम में भी है प्रावधान
नगरपालिका अधिनियम की धारा 183 में अंकित है कि नगरीय क्षेत्रों में सड़क, गलियों, रास्तों की चौड़ाई निर्धारित कर मार्गाधिकार अधिसूचित किया जाएं।

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