अब किसानों ने खुद संभाला मोर्चा

फसलों को चौपट होने से बचाने की कवायद

सीमा सुरक्षा बल ने भी किसानों की मदद

10 किलोमीटर क्षेत्र में टिड्डियों का किया सफाया

By: Rakhi Hajela

Published: 03 Jan 2020, 04:35 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जैसलमेर जिले के सादा वितरिका क्षेत्र की 100 आरडी क्षेत्र में टिड्डियों के तांडव को थामने के लिए किसानों ने दिन भर मशक्कत की और तकरीबन ८ से १० किलोमीटर और ३ किलोमीटर चौड़े दल को मारने में सफलता प्राप्त की। इस कार्य में टिड्डी चेतावनी संगठन, कृषि विभाग और प्रशासन की ओर से मुहैया करवाई गई १० से १२ गाडि़यों का उपयोग किया गया। हालांकि मुख्य तौर पर इलाके के किसान ही अपनी फसलों को चौपट होने से बचाने के लिए मोर्चा लिए हुए हैं। आपको बता दें कि जिले के इंदिरा गांधी नहर परियोजना में सादा वितरिका के 100 आरडी के इलाकों में किसानों ने मुरब्बों में खड़ी अपनी फसलों को टिड्डियों के गाल में समाने से बचाने के लिए सुबह से ही कवायद शुरू की दी थी। किसानों ने गोधला तला इलाके में 8 गुणा 3 किलोमीटर क्षेत्र में टिड्डियों का सफाया कर दिया। किसानों ने बताया कि उन्होंने वाहनों से स्प्रे के अलावा मानव श्रृंखला बनाकर हाथों में दस्ताने पहनकर फेनमेल पाउडर का छिड़काव किया। आपको बता दें कि यह पाउडर टिड्डी नियंत्रण में खासा प्रभावी साबित हुआ है। किसानों को कीटनाशक घोल बनाने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने पानी उपलब्ध कर उनकी मदद की।

किसानों ने की भौतिक सत्यापन की मांग

किसानों का कहना था कि टिड्डी नियंत्रण के प्रयासों के दौरान कुछ छोटे छोटे से झुंड मुरब्बों मे जाकर छुप गए जो अगर एक दो दिन बच गए तो फसलों को चट कर सकते हैं। एेसे में उन्हें प्रशासन ने अधिक मात्रा में फेनमेल उपलब्ध करवाए जाने की मांग की। इसके साथ ही किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि वे अपने प्रतिनिधि भेजकर टिड्डियों से हुए नुकसान का जल्द से जल्द भौतिक सत्यापन करवाकर सहायता मुहैया करवाएं। किसानों ने टिड्डियों से खराबे के मद्देनजर केसीसी का समय बढ़ाने और टिड्डियों के खात्मे में अहम भूमिका निभाने वाले फेनमेल पाउडर ज्यादा मात्रा में मुहैया करवाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि टिड्डियों के नियंत्रण के लिए विभाग जिस कीटनाशक का स्प्रे करवा रहा है, उसका ज्यादा फायदा नहीं मिल पा रहा है। इसके बजाय सरकार किसानों को ट्रेक्टर आदि वाहन चलाने के लिए डीजल उपलब्ध करवाए। किसानों ने सरकारी विभागों पर टिड्डी नियंत्रण कार्यों में शिथिलता बरतने का भी आरोप लगाया है।

सीमा सुरक्षा बल से मांगी जानकारी

वहीं कृषि विभाग के निदेशक राधेश्याम नारवाल का कहना था कि सरकारी स्तर पर सादा वितरिका के १०० आरडी क्षेत्र में टिड्डियों पर नियंत्रण के लिए हरसंभव सहायता किसानों को मुहैया करवाई गई है। साथ ही किसानों ने भी अपने स्तर पर भौतिक साधन जुटाए हैं। दूसरी ओर किसानों की ओर से भारत.पाक सीमा क्षेत्र तक टिड्डियों की मौजूदगी की बात कहे जाने के बाद जिला प्रशासन ने सीमा सुरक्षा बल से जानकारी मांगी है। अभी तक अधिकृत रूप से बल ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

6200 गांवों में मचाई तबाही
पाकिस्तान से टिड्डी के बड़े हमले ने राजस्थान और गुजरात समेत राज्यों के 6200 गांवों में तबाही मचा दी है। सबसे ज्यादा बॉर्डर से सटे जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिले में टिड्डी ने नुकसान पहुंचाया है। 7.77 लाख हेक्टेयर में करीब 700 करोड़ से ज्यादा की फसलें इस बार टिड्डी चट कर गई, लेकिन केंद्र व राज्य सरकार टिड्डी रोकने में नाकाम रही है।

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