अब मेक इन इंडिया से होगा टिड्डी पर कंट्रोल


मेक इन इंडिया पहल के तहत देसी यंत्र तैयार
व्हीकल माउंटेड यूएलवी स्प्रेयर का सफल प्रयोग
अब व्यवसायिक रूप से उपयोग करने की योजना

By: Rakhi Hajela

Published: 29 Jun 2020, 03:59 PM IST

देश की राजधानी तक पहुंच चुके टिड्डी दल से निपटने की तैयारी अब सरकार मेक इन इंडिया के जरिए करने जा रही है। मेक इन इंडिया के तहत तैयार किए गए देसी यत्र व्हीकल माउंटेड यूएलवी स्प्रेयर के जरिए अब इन टिड्डियों का सफाया किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक टिड्डियों के हमले और बड़े पैमाने पर हो रहे नुकसान को देखते हुए मेक इन इंडिया पहल के तहत ऊंचाई पर पेड़ों में जमे बैठे टिड्डों की समाप्ति के लिए एक देसी यंत्र वीकल माउंटेड यूएलवी स्प्रेयर तैयार किया था। यह देसी यंत्र सबसे पहले राजस्थान के बीकानेर और अजमेर में प्रयोग किया गया। वहां इसकी सफलता को देखते हुएए मंत्रालय ने इसके व्यवसायिक निर्माण को स्वीकृति देते हुए इसे लॉन्च कर दिया। अब इसे बड़े पैमाने पर तैयार करने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे टिड्डियों पर प्रभावी ढंग से काबू किया जा सके।

परीक्षण रहा सफल
टिड्डी चेतावनी संगठन के उपनिदेशक डॉ. केएल गुर्जर ने बताया कि इस मशीन का उपयोग हाल ही में बीकानेर और अजमेर में सफल रहा था। इसके बाद सरकार इनके व्यवसायिक रूप से उपयोग करने की योजना बना रही है। उनका कहना था कि यह एक अल्ट्रा स्प्रेयर है। इसमें काफी कम ड्रॉपलेट इस्तेमाल में आती है। इसकी सबसे अधिक अच्छी बात यह है कि इसमें से जब ड्रॉपलेट डाली जाती है तो यह हवा के साथ एक ही दिशा में कंट्रोल हो जाती है। इसमें पानी मिलाने की आवश्यकता नहीं होती और ऑयल बेस्ड पेस्टीसाइड का ही उपयोग किया जाता है। एेसे में अधिक संख्या में टिड्डी नियंत्रित की जा सकती हैं।

मशीनरी की तैनातगी
आपको बता दें कि अब तक राजस्थान सरकार ने टिड्डी कंट्रोल के लिए 2142 ट्रैक्टर और 46 फायर टेंडर, मध्य प्रदेश सरकार ने कुल 83 ट्रैक्टर और 47 फायर टेंडर और उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 ट्रैक्टर और 16 फायर टेंडर, पंजाब सरकार ने कुल 50 ट्रैक्टर और 6 फायर टेंडर और गुजरात सरकार ने 38 ट्रैक्टर तैनात किए हैं। 21 जून 2020 तक राजस्थान, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में 114,026 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण किया गया है, जबकि गुजरात और मध्यप्रदेश में मुख्य रूप से टिड्डी नियंत्रण अभियान जोरों पर चल रहा है।

एक दर्जन से अधिक दल सक्रिय
भारत के टिड्डी चेतावनी संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर केएल गुर्जर के मुताबिक़ इस समय एक दर्जन से अधिक टिड्डी दल सक्रिय हैं जो रोज़ाना सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर तक का सफऱ तय कर रहे हैं। आम तौर पर एक टिड्डी दल में कम से कम एक करोड़ टिड्डियां होती हैं जो एक बार में दो से तीन किलोमीटर के इलाक़े में फैल कर चलती हैं। वो कहते हैं, टिड्डियों के दल एक किलोमीटर से तीन किलोमीटर बड़े हैं। हम नियंत्रित तो कर रहे हैं लेकिन तापमान अधिक होने की वजह से ये दल थोड़ा ज्यादा एक्टिव हैं।

Rakhi Hajela Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned