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बड़े शहरों के विकास में अब जनता की भी होगी भागीदारी

नगरीय निकायों में गठित होगी वार्ड समितियां

जयपुर

Published: January 13, 2022 07:47:08 pm

भवनेश गुप्ता
जयपुर। राज्य के बड़े शहरों के विकास में अब जनता की भी भागीदारी होगी। पार्षद के साथ जनता डवलपमेंट प्लानिंग का खाका तैयार करेगी। सरकार ने प्रदेश के नगरीय निकायों में वार्ड समिति गठन के अनिवार्यता की पालना कराने की तैयार कर ली है। इसके तहत फिलहाल 3 लाख से अधिक आबादी वाले नगर निकायों में एक या अधिक वार्डों पर एक वार्ड समिति का गठन होगा। इनमें प्रदेश के 925 वार्ड शामिल होंगे, जहां करीब 90 लाख जनसंख्या है। इसके बाद छोटे शहरों में भी इसका दायरा फैलेगा। वार्ड समिति में वार्ड पार्षद अध्यक्ष और उसी वार्ड के 5 लोग बतौर सदस्य होंगे। यह समिति वार्डवासियों की जरूरत और समस्या को चिन्हित कर निकाय से काम की अनुशंसा करेगी। निकाय प्रशासन और बोर्ड इस आधार पर निर्णय करेगा।
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1. अधिनियम में है प्रावधान- नगरपालिका अधिनियम की धारा 54 में वार्ड समिति गठन करने प्रावधान है, लेकिन अभी तक नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका ने इसकी पालना नहीं की। इसमें वार्ड समिति गठन का खाका तैयार किया गया है। लेकिन सरकार और नगरीय निकायों की मंशा ही नहीं रही कि वे जन भागीदार के साथ आगे बढ़ें।
2. न्यायालय ने दिलाया याद- इस मामले में अनुप दायमा नामक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को निर्देश दिए कि वे सरकार से स्थिति स्पष्ट कर लें कि नगरपालिका अधिनियम के तहत ऐसी कमेटी का गठन करेंगे या नहीं।
बड़े शहरों के विकास में अब जनता की भी होगी भागीदारी
बड़े शहरों के विकास में अब जनता की भी होगी भागीदारी
निकाय और उनके वार्ड
अजमेर— 80
अलवर— 65
भीलवाड़ा— 70
बीकानेर— 80
जयपुर ग्रेटर— 150
जयपुर हैरिटेज— 100
जोधपुर उत्तर— 80
जोधपुर दक्षिण— 80
कोटा उत्तर— 70
कोटा दक्षिण—80
उदयपुर— 70
(इसमें तीन लाख से अधिक आबादी वाले निकाय शामिल हैं)

बोर्ड कार्यकाल तक वार्ड समिति
-जहां वार्ड समिति में दो या अधिक वार्ड होंगे तो वहां संबंधित समिति के अध्यक्ष के रूप में वार्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों में से एक का निर्वाचन होगा। वार्ड समिति की पहली बैठक स्तर पर यह तय होगा।
-जिस समिति में एक ही वार्ड होगा, उस वार्ड का निर्वाचित सदस्य ही उसका अध्यक्ष रहेगा।
-वार्ड समिति भी तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक बोर्ड का कार्यकाल रहेगा।
-नगरपालिका अधिनियम में वार्ड समिति का प्रावधान है। संबंधित सभी निकायों को समिति गठन के लिए निर्देशित कर रहे हैं। संभवतया अभी किसी भी निकाय में वार्ड समिति नहीं है। -दीपक नंदी, निदेशक, स्वायत्त शासन विभाग

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