अब मजदूर महिला को भी मिल सकेगा ‘मातृत्व लाभ’, मजदूरी करने वाली गर्भवती को नौ माह तक काम करने की नहीं रहेगी मजबूरी

राज्य में जल्द शुरु होगी 'प्रधानमंत्री मातृ—वंदना योजना', तीन किश्तों में मिलेंगे 5000 हजार रुपए, पहले बच्चे के जन्म पर ही मिलेगी ये मदद

By: rajesh walia

Published: 11 Dec 2017, 02:28 PM IST

जयपुर। ऐसी गरीब व मजदूर महिलाएं जिन्हें गर्भावस्था में भी घर परिवार का पेट पालने की खातिर नवे महीने तक लगातार काम करते रहना पड़ता है। इन महिलाओं को अब ये चिंता नहीं सताएगी। क्योंकि अब इन्हें भी 'मातृत्व लाभ' मिल सकेगा। इतना ही नहीं इस एवज में सरकार इन्हें मजदूरी के रुप में आर्थिक मदद देकर इन्हें आराम करने व खुद के स्वास्थ्य का ध्यान रखने का वक्त भी देगी। इससे जच्चा—बच्चा दोनों की देखभाल हो सकेगी। केंद्र सरकार ने इसका लाभ हर गरीब महिला तक पहुंचाने की जिम्मेदारी केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को सौंपी है। इसके लिए 12 हजार 661 करोड़ रुपए का बजट भी सेंशन किया गया है। इसके बाद अब केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 'प्रधानमंत्री मातृ—वंदना योजना' के क्रियान्वयन के लिए कमर कस ली है। इसके लिए राज्य सरकार को निर्देश भी जारी कर दिए गए है।

 

इस योजना के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला एवं दूध पिलाने वाली माओ को 5000 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता तीन अलग—अलग किश्तों के रुप में मिल सकेगी। केंद्र सरकार ने इस योजना की घोषणा साल भर पहले की थी। लेकिन इसका क्रियान्वयन अभी तक नहीं हो सका है।

ये होगा 'किश्त' का आधार —

गर्भावस्था का पंजीकरण कराने पर मिलेंगे 1000 हजार रुपए मिलेंगे। प्रसव पूर्व यानि छह माह पूरे होने पर जांच कराने पर 2000 हजार रुपए मिलेंगे, बच्चे का जन्म पंजीकरण कराने पर मिलेंगे 2000 हजार रुपए।

 

ताकि मां—बच्चा रहे स्वस्थ्य—

इस योजना का मकसद है गर्भवती महिलाओं और माओ को उनके छह माह तक के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुुधार लाना है। विभाग की मानें तो इस वर्ग की महिलाओं में प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात कई तरह की परेशानियां सामने आई है ऐसे में ना तो ये स्वयं स्वस्थ्य रह पाती है और ना ही इनका बच्चा। ऐसे में इस योजना से जो आर्थिक मदद मिलेगी उससे इनकी डिलिवरी पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

 

शासन सचिव ने जारी किए निर्देश—

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने इस संबंध में सभी राज्य सरकारों को याद दिलाया है और इसे जल्द से जल्द लागू कराने को कहा है। इसके बाद विभाग की शासन सचिव रोली सिंह ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को जागरुकता अभियान चलाने, घर—घर जाकर इसका प्रचार करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी वर्कर को ही आवेदन करना होगा। ये कार्यकर्ता ही गर्भवती महिला की ओर से दी गई जानकारी का रिकॉर्ड मेंटेन करेंगी।

rajesh walia Desk/Reporting
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