अब स्कूल में लंच ब्रेक की तर्ज पर तीन बार वाटर ब्रेक

जैसलमेर जिले में सरकारी स्कूलों (Government schools) के विद्यार्थियों ( students) की सेहत संवारने के लिए उनमें दिन भर में कुछ-कुछ समय के अंतराल में पर्याप्त पानी पीने के प्रति जागरूकता संचार के लिए जिला कलेक्टर (District Collector) की पहल पर लंच ब्रेक की तर्ज पर तीन बार वाटर ब्रेक (Three times water break) दिया जाएगा।

vinod saini

December, 0512:44 AM

-सरहदी जिले में जल सुधा नवाचार की पहल
- विद्यार्थियों में पर्याप्त पानी पीने की आदत डालने को लेकर जिला प्रशासन का नवाचार
जैसलमेर। जैसलमेर जिले में सरकारी स्कूलों (Government schools) के विद्यार्थियों ( students) की सेहत संवारने के लिए उनमें दिन भर में कुछ-कुछ समय के अंतराल में पर्याप्त पानी पीने के प्रति जागरूकता संचार के लिए जिला कलेक्टर (District Collector) नमित मेहता की पहल पर गुरुवार से जिला प्रशासन (District administration) की ओर से अभिनव नवाचार (Innovative innovation) जल सुधा का आगाज किया जाएगा। अब स्कूल में लंच ब्रेक की तर्ज पर तीन बार वाटर ब्रेक (Three times water break) दिया जाएगा। प्रदेश भर में विद्यार्थियों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है।
जिला कलेक्टर गुरुवार दोपहर 2 बजे छत्रैल के राउमावि में विद्यार्थियों को पानी की बोतलें वितरित कर जिले में इस नवाचारी प्रोजेक्ट का आगाज करेंगे। इसके तहत स्कूली बच्चों को दानदाताओं के सहयोग से अच्छी गुणवत्ता वाली बोटल्स प्रदान की जाएंगी। जिले में यह अभियान पहले पहल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरकारी स्कूलों में शुरू किया जाएगा, जिसमें प्रयोग के तौर पर प्रथम चरण में 3 राजकीय स्कूलों को लिया जा रहा है। इसमें कक्षा एक से लेकर 12वीं तक अध्ययनरत करीब 500 से अधिक विद्यार्थियों को पानी की बोतलें दी जाएंगी और उनमें स्कूल टाइम में पर्याप्त पानी पीने की आदत डाली जाएगी। इसके लिए सुबह 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक समय वाली स्कूलों में क्रमिक अंतराल के रूप में सुबह 11 बजे, दोपहर 12 बजे और अपराह्न 3 बजे दो-दो मिनट का वाटर ब्रेक होगा। इस तरह स्कूली बच्चों में कुछ-कुछ समय के अन्तराल में पानी पीने की आदत विकसित होगी।

सेहत के लिए जरूरी है पानी
पानी पीना सेहत के लिए नितान्त आवश्यक है और कुछ-कुछ अन्तराल में पानी पीने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होती रहती है, जिससे मानसिक एवं शारीरिक विकास को बल प्राप्त होता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। बच्चों में पर्याप्त पानी पीने की आदत नहीं होने के कारण सेहत पर असर पड़ता है। इसी के मद्देनजर बच्चों में कुछ-कुछ समय के अन्तराल में पानी पीने की आदत विकसित करने की दृष्टि से जिला प्रशासन ने यह अभिनव पहल की है। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने बताया कि वाटर बोटल्स वितरण और बच्चों में पेयजल पान की आदत विकसित करने के लिए चलाए जाने वाले इस नवाचारी अभियान के परिणामों को देखकर आने वाले समय में अन्य सरकारी एवं निजी स्कूलों में भी यह प्रयोग किया जाएगा।

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