आखिर आ गई कोविड-19 की असरदार वैक्सीन

मॉडर्ना की वैक्सीन अपेक्षाकृत अधिक असरदार होने के साथ-साथ एक और मायने में फाइजर कंपनी की वैक्सीन की तुलना में कारगर है।

By: Swatantra Jain

Published: 16 Nov 2020, 07:59 PM IST

जिस खबर का पूरी दुनिया को इंतजार था वो खबर आ गई है। अमरीका की मॉडर्ना वैक्सीन ने अब से कुछ देर पहले ही घोषणा की है कि उसकी कोविड वैक्सीन 94.5 प्रतिशत सफल है। कंपनी द्वारा सोमवार को जारी शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, उसकी कोविड 19 की वैक्सीन कोरोनोवायरस के खिलाफ 94.5% असरदार है। संयुक्त राज्य अमेरिका में आश्चर्यजनक रूप से उच्च सफलता दर वाली ये दूसरी वैक्सीन है।
अमरीका के शीर्ष संक्रामक रोग चिकित्सक और कोविड 19 महामारी पर अमरीका के प्रेसीडेंट डॉनल्ड ट्रंप के सलाहकार डॉ एंथोनी फौसी ने कहा है कि - ये स्पष्ट रूप से बहुत ही रोमांचक परिणाम हैं, यह उतना ही अच्छा है जितना हो सकता है - 94.5% सफलता दर वास्तव में बहुत शानदार है।"
मॉर्डन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ ताल जैक्स ने कहा है कि" जब मैंने मॉडर्ना के डाटा सेफ्टी एंड मॉनिटरिंग बोर्ड के सदस्यों से रविवार को जानकारी फोन पर मिली तो यह मेरे जीवन और मेरे करियर के सबसे महान क्षणों में से एक था। इस टीके को विकसित करने और उसमें रोग को रोकने की इस तरह की उच्च क्षमता को देखना --- यह बिल्कुल आश्चर्यजनक है।"
वहीं डॉक्टर फॉसी ने कहा है कि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में टीकाकरण शुरू हो सकता है और इसे सबसे पहले उच्च जोखिम वाले समूहों को दिया जाएगा। फॉसी ने कहा है कि अगले वसंत यानी अप्रेल 2021 में ये टीका आम लोगों के लिए उपलब्ध होने की पूरी उम्मीद है और जुलाई 2021 तक ये सबके पास पहुंच जाएगी।
बता दें कि इससे पहले अमरीकी कंपनी फाइजर ने घोषणा की थी उसकी वैक्सीन कोविड 19 को रोकने में 90 प्रतिशत तक सफल है।

तीस हजार लोगों पर यूं चला ट्रॉयल


बता दें कि मॉडर्ना के तीसरे फेज के अंतिरम ट्रॉयल में 15000 लोगों को वैक्सीन दी गई थी और 15000 लोगों को प्लेसिबो। प्लेसिबो से आशय है कि इन लोगों को वैक्सीन की बजाय सामान्य सैलाइन वाटर दिया गया था। जिन लोगों को वैक्सीन दी गई थी उनमें कई महीनों के बाद सिर्फ 5 लोगों को कोरोना हुआ और किसी में भी इसने गंभीर रूप धारण नहीं किया। जबकि जिन लोगों को प्लेसिबो दी गई थी उनमें से 90 लोगों को आगे चल कर कोरोना हो गया और 11 में इसने गंभीर रूप धारण कर लिया।
कंपनी ने बताया है कि इसकी वैक्सीन का कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट भी नहीं देखा गया है। केवल कुछ लोगों को इसके कारण शरीर में दर्द और सिर दर्द की समस्या देखी गई।
कंपनी अब जल्दी ही अमरीका के दवा नियामक यूएस एफडीए के सामने लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी। इसके पहले कंपनी कुछ और परिणामों का इंतजार कर रही है।

मॉडर्ना की वैक्सीन अपेक्षाकृत अधिक असरदार


बता दें मॉडर्ना वैक्सीन और फाइजर की वैक्सीन दोनों ही समान रूप से काम करती हैं। दोनों आरएनए अथवा एमआरएनए आधारित वैक्सीन हैं। लेकिन मॉडर्ना की वैक्सीन अपेक्षाकृत अधिक असरदार होने के साथ-साथ एक और मायने में फाइजर कंपनी की वैक्सीन की तुलना में कारगर है। फाइजर की वैक्सीन को जहां स्टोर करने के लिए इसे माइनस 75 डिग्री सेल्सियस पर रखना होता है वहीं मॉडर्ना की वैक्सीन को माइनस 20 डिग्री सेल्सियस पर स्टोर किया जा सकता है और इस वैक्सीन को पूरी दुनिया में ट्रांसपोर्ट करने की दिशा में मॉडर्ना वैक्सीन की ये खूबी बेहद कारगर और निर्णायक साबित हो सकती है।

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