अब मिलेगी राजस्थान के इतिहास और संस्कृति की जानकारी


एनसीईआरटी का कोर्स पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी
10वीं और 12वीं में भी एनसीईआरटी का सिलेबस लागू

By: Rakhi Hajela

Updated: 21 Sep 2020, 11:23 PM IST

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छठीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अब राजस्थान के इतिहास और संस्कृति को भी पढ़ और समझ सकेंगे। जानकारी के मुताबिक नए शिक्षा सत्र से शिक्षा विभाग ने छठीं से आठवीं, दसवीं और बारहवीं तक एनसीईआरटी का कोर्स लागू करते हुए राजस्थान के भूगोल, इतिहास और संस्कृति के लिए आरएससीईआरटी की ओर से 'हमारा राजस्थानÓ शीर्षक के नाम से नई पुस्तकें तीन भागों में लागू करने का निर्णय लिया है और इस संबंध में स्कूलों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी की ओर से जारी किए निर्देशों के मुताबिक छठीं कक्षा के लिए 'हमारा राजस्थानÓ भाग प्रथम, सातवीं कक्षा के लिए 'हमारा राजस्थानÓ भाग द्वितीय और आठवीं कक्षा के लिए 'हमारा राजस्थानÓ भाग तृतीय के नाम से पुस्तक लागू की गई है।
पहली से आठवीं कक्षा
सत्र 2020-21 से पहली से पांचवीं कक्षा में उर्दू विषय को छोड़कर शेष विषयों में आरएससीईआरटी की ओर से निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में यथावत लागू रहेंगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। ं आरएससीईआरटी की ओर से पहली से आठवीं कक्षा में संस्कृत की किताबें भी पहले ही तरह से चलती रहेंगी।
सत्र 2020-21 में पहली से आठवीं कक्षा में उर्दू विषय की एनसीईआरटी की किताब पहले ही तरह चलती रहेगी।
सत्र 2020-21 से छठीं से आठवीं तक एनसीईआरटी की पाठ्यक्रम की पुस्तकें निर्धारित की गई है।
सत्र 2020-21 से छठीं से आठवीं तक पंजाबी भाषा के लिए पंजाब स्कूल बोर्ड की ओर से निर्धारित और सिंधी भाषा के लिए महाराष्ट्र पाठ्यपुस्तक बोर्ड की ओर से निर्धारित पुस्तकें निर्धारित की गई हैं।

10वीं और 12वीं में भी एनसीईआरटी का सिलेबस लागू
सत्र 2020-21 से नवीं और 11वीं में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें विद्यार्थियों को पढऩी होंगी। दसवीं और 12वीं कक्षा में इस सत्र 2020-21 में पूर्व में संचालित की जा रही राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की निर्धारित पुस्तकों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 10वीं और 12वीं में भी इसी सत्र से एनसीईआरटी का सिलेबस लागू होगा।

राजस्थान के इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता आंदोलन को कोर्स में शामिल करने के लिए सत्र 2019-20 के लिए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से तैयार कोर्स पर आधारित किताब नवीं कक्षा के लिए 'राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन और शौर्य परम्पराÓ तथा दसवीं के विद्यार्थियों के लिए 'राजस्थान का इतिहास और संस्कृतिÓ निर्धारित की गई है।
भारत की आजादी के बाद के विकास पर आधारित राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 11वीं कक्षा के लिए निर्धारित पुस्तक 'आजादी के बाद का स्वर्णिम भारतÓ भाग प्रथम और कक्षा 12वीं के लिए 'आजादी के बाद का स्वर्णिम भारतÓ भाग द्वितीय लागू की गई है।
स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इसी सिलेबस को विद्यार्थियों को पढ़ाए यदि ऐसा नहीं किया जाता तो स्कूल पर गैर सरकारी शैक्षणिक संस्था नियम 1993 के तहत कार्यवाही की जा सकती है।

Rakhi Hajela Desk
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