अपराधों की संख्या बढ़ी, निस्तारण भी हुए ज्यादा

पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने वर्ष 2019 के आपराधिक आंकड़ों का खुलासा करते हुए कहा कि इस साल थाने में लोगों की सुनवाई हुई और मुकदमें भी बढ़ी संख्या में दर्ज किए गए।

By: Lalit Tiwari

Published: 06 Jan 2020, 07:38 PM IST

पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने वर्ष 2019 के आपराधिक आंकड़ों का खुलासा करते हुए कहा कि इस साल थाने में लोगों की सुनवाई हुई और मुकदमें भी बढ़ी संख्या में दर्ज किए गए। इसके साथ ही दर्ज मुकदमों के इस बार निस्तारण भी ज्यादा से ज्यादा किए गए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में 1,71,889 मुकदमें दर्ज हुए। थानों में फ्री रजिस्ट्रेशन की कर दिए जाने से वर्ष 2019 में 53,417 प्रकरण अधिक दर्ज हुए और कुल 2,24,306 प्रकरण दर्ज हुए। पुलिस ने वर्ष 2018 के मुकाबले वर्ष 2019 में 46,078 अधिक मुकदमों का निस्तारण भी किया।
डीजीपी भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 में पुलिस में गड़बड़ी और अपराधियों से सांठगांठ के मामले में 57 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया। जबकि दो हजार पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। वहीं अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को जिला पुलिस अधीक्षक, रेंज आईजी और पुलिस मुख्यालय स्तर पर पुरस्कृत भी किया गया। पुलिस मुख्यालय स्तर पर 271 पुलिसकर्मियों को नकद ईनाम, 70 पुलिसकर्मियों को विशेष पदोन्नति और 35 पुलिसकर्मियों को महानिदेशक पुलिस से नवाजा गया। कानून व्यवस्था महानिदेशक एमएल लाठर ने बताया कि वर्ष 2019 में अन्य वर्षों की तुलना में कानून व्यवस्था बेहतर रही।लाठर ने बताया कि लोकसभा चुनाव भी शांति पूर्वक करवाए गए और एक भी जगह रिपोल नहीं हुआ। प्रदेश में वर्ष 2018 में जहां 313 बार साम्प्रदायिक तनाव हुए। वहीं गत वर्ष इनकी संख्या केवल सात रही।

एडीजी क्राइम बीएल सोनी ने कहा कि वर्ष 2019 में अभियान चलाकर करीब सवा तीन हजार वांटेट गिरफ्तार किए। इसके अलावा 470 ईनामी अपराधी, 1284 भगौड़े, 160 घोषित अपराधी, 15721 स्टैंडी वारंटी पकड़े गए।

Lalit Tiwari Desk
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