कृषि उत्पादों के निर्यात में आ रही बाधाएं जल्द होंगी दूर

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री ( Union Agriculture minister ) नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन ( nationwide lockdown ) से कृषि उत्पादों ( agricultural products ) के निर्यात ( export ) में आ रही बाधाएं जल्द दूर होंगी और इस दिशा में कोशिशें की जा रही हैं। कृषि मंत्री ( Agriculture Minister ) ने बताया कि निर्यात की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने की दिशा में केंद्र सरकार प्रयास कर रही है।

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 14 Apr 2020, 07:51 PM IST

कोरोनावायरस के प्रकोप की रोकथाम के प्रभावी उपाय के रूप में जारी देशव्यापी लॉकडाउन में लॉजिस्टिक्स की समस्या के चलते कृषि उत्पादों के निर्यात पर असर पड़ा है। निर्यातकों ने बताया कि बहरहाल निर्यात को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भारत बासमती चावल समेत कई कृषि उत्पादों का प्रमुख निर्यातक है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री से जानना चाहा कि निर्यात की बाधाओं को दूर करने को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उपाय किए जा रहे हैं।
इस पर तोमर ने कहा, 'आज सभी एक्सपोर्टर से हमारे विभाग के अधिकारियों ने बातचीत की है और निर्यात सुचारू ढंग से इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।Ó
मंत्रालय से मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, तोमर के निर्देशों के बाद कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग के सचिव संजय अग्रवाल ने कृषि एवं संबद्ध वस्तुओं के निर्यातकों से बातचीत कर उनके सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली, ताकि कोविद-19 संकट में बरकरार रहने में उनकी मदद करने के लिए उनकी समस्याओं के शीघ्र निवारण के लिए सार्थक हस्तक्षेप करके आवश्यक कदम उठाए जा सकें। फल, सब्जियां, बासमती और गैर-बासमती चावल, बीज, फूल, पौधे, जैविक उत्पाद, कृषि उपकरण एवं मशीनरी जैसी कृषि वस्तुओं के उत्पादकों और निर्यातकों के संगठनों के प्रतिनिधियों और निर्यातकों ने हिस्सा लिया।
कृषि मंत्रालय ने बताया कि निर्यातकों ने मुख्य रूप से मजदूरों की कमी, अंतरराज्यीय परिवहन में रुकावट, कच्चे माल की कमी, फाइटो-सेनिटरी प्रमाणन, कूरियर सेवाओं के बंद होने के कारण शिपिंग दस्तावेजों की आवाजाही में बाधा, माल सेवाओं की उपलब्धता की समस्या, बंदरगाहों और याडरें तक पहुंच की दिक्कतों समेत आयात व निर्यात के लिए माल निकासी की मंजूरी में आ रही समस्याओं का जिक्र किया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी एपीडा के एक अधिकारी ने बताया कि लॉजिस्टिक्स की समस्या के चलते खाद्य उत्पादों का निर्यात बाधित है। गौरतलब है कि बासमती चावल, फल, सब्जी समेत कई कृषि उत्पादों का भारत प्रमुख निर्यात है और देश का कृषि और संबद्ध निर्यात 2018-19 के दौरान 2.73 लाख करोड़ रुपए का था।

Narendra Kumar Solanki Desk
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