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Indian Railway : गुपचुप हो रहा है रेलवे का निजीकरण एन कनैया

ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) का 96वां वार्षिक अधिवेशन गुरूवार को संपन्न हो गया। आनलाइन सम्मेलन का संबोधित करते हुए अध्यक्ष एन कनैया ने कहा कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। रेलवे निजीकरण को लेकर सावर्जनिक तौर पर मनाही करते हैं लेकिन पीछे से इसकी कार्य में लगे हुए हैं। रेल कर्मचारियों इससे सावधान रहने की जरूरत है।

जयपुर

Published: July 29, 2021 09:38:08 pm

जयपुर
ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) का 96वां वार्षिक अधिवेशन गुरूवार को संपन्न हो गया। आनलाइन सम्मेलन का संबोधित करते हुए अध्यक्ष एन कनैया ने कहा कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। रेलवे निजीकरण को लेकर सावर्जनिक तौर पर मनाही करते हैं लेकिन पीछे से इसकी कार्य में लगे हुए हैं। रेल कर्मचारियों इससे सावधान रहने की जरूरत है।
एआईआरएफ महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कोविड के कारण रेल कर्मचारी उनके परिवारजन सहित देश भर के 4 लाख लोगों की मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रीय विपदा में रेलकर्मियों ने अनूठी देश सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। रेल मंत्रालय को चाहिए कि विभिन्न कैटेगरी के कर्मचारियों की जायज मांगों का प्राथमिकता के साथ सकारात्मक निपटारा करें।
इस सम्मेलन में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड अध्यक्ष सुनीत शर्मा, अपर सदस्य (एचआर) अल्का अरोड़ा मिश्रा, महाप्रबन्धक उत्तर रेलवे सहित अनेक अधिकारियों ने भी संबोधित किया। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लाइज यूनियन की ओर से महामंत्री मुकेश माथुर, अनिल व्यास, अरुण गुप्ता, मनोज परिहार, आरके सिंह, मुकेश चतुर्वेदी, मोहन चेलानी, विनीत मान, प्रमोद यादव, महेंद्र व्यास, मीना सक्सेना, राणा पूर्णचंद्र दीप सिंह, दिनेश सिंह, गजानन्द, कमलेश शर्मा, गोपाल मीना, केएस अहलावत, राम लाल मीना सहित 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कांफ्रेंस के दौरान एआईआरएफ़ के सहायक महामंत्री मुकेश माथुर ने रेल कर्मियों की मांगों का प्रस्ताव रखा, जिसमें भारतीय रेल का निजीकरण नहीं करने, रेल कर्मियों को कोविड-19 की सुविधाओं के लिए फ्रंट लाइन वर्कर घोषित करने, महंगाई भत्ता एवं राहत के एरियर का भुगतान करने, रात्रि ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों को रात्रि ड्यूटी भत्ता भुगतान करने, बोनस भुगतान की ₹7000 की सीमा हटाने, सीधी भर्ती के पदों को कम करके उन्हें एलडीसीई बनाकर ओपन टू ऑल करने, इंजीनियर एवं अन्य पर्यवेक्षकों को ग्रेड वेतन ₹4800, 5400 का लाभ प्रदान करने, सभी कर्मचारियों की ड्यूटी 8 घंटे सीमित करने, पॉइंट्समेन को लेवल-6 तक का लाभ प्रदान करने, रनिंग स्टाफ की ₹4600, 4800 ग्रेड वेतन में एमएससीपी लाभ एवं किलोमीटर भत्ता में आयकर राहत प्रदान करने की मांग रखी।
इसके साथ कारखाना सहित विभिन्न विभागों के रिक्त पद शीघ्र भरने, सभी संरक्षा कोटी स्टाफ को जोखिम एवं हार्ड ड्यूटी भत्ता प्रदान करने, एसएंडटी सहित बकाया कोटि स्टाफ की संवर्ग पुनसंरचना करने, जीडीसी नियमित रूप से आयोजित की जाए, पेट्रोलिंग बीट 12 किलोमीटर से अधिक नहीं हो, ट्रैकमेंटेनर को ग्रेड वेतन ₹4200, संक्रमण भत्ता प्रदान किया जाए, ट्रैकमेंटेनर इंटेक कोटा का प्रतिशत बढ़ाने एवं आयु सीमा की शर्त हटाने, लेवल-1 के 50% पदों को ग्रेड वेतन ₹1900 में अपग्रेड करने, रेलवे अस्पतालों में विशेष चिकित्सक एवं जांच सुविधा बढ़ाने, पास/पीटीओ मैनुअल आधार पर ही जारी करने, विद्युत सहित सभी एस्कॉर्टिंग स्टाफ को गंतव्य स्टेशन पर विश्राम सुविधा देने, टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग स्टाफ संबंधी सुविधा प्रदान करने आदि सम्मिलित हैं।
कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय परिदृश्य, कोविड-19 के कारण जान गवाने वाले रेल परिवार के सदस्यों को नमन, रेल बचाओ देश बचाओ, आयुध कारखानों की हड़ताल के विरुद्ध अध्यादेश को वापस लेने, सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण नहीं हो, श्रम कानूनों में बदलाव मंजूर नहीं, महिलाओं की गतिविधियां संबंधी प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए एवं पारित किए गए।
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