ऑयल इण्डिया खनिज ऑयल का उत्पादन 700 बैरल प्रतिदिन करेगी

ऑयल इंडिया ( Oil India ) वित्तीय वर्ष 2024-25 तक बीकानेर-नागौर बेसिन ( Bikaner-Nagaur Basin ) मेे 15 नए कुओं की खुदाई कर प्रदेश में खनिज तेल का उत्पादन 700 बैरल ( 700 barrels ) ऑयल प्रतिदिन तक पंहुचाएगी। अभी ऑयल इण्डिया की ओर से राजस्थान ( Rajasthan ) में 150 बैरल ऑयल का प्रतिदिन उत्पादन ( produced ) किया जा रहा है, जिसे ऑयल इण्डिया द्वारा इस साल के अंत तक 500 बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाना प्रस्तावित है। बीकानेर-नागौर बेसिन में ऑयल इण्डिया का सेस्मिक सर्वे ( seismic survey ) का कार्य भी जारी है।

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 02 Sep 2020, 07:48 PM IST

जयपुर। ऑयल इंडिया वित्तीय वर्ष 2024-25 तक बीकानेर-नागौर बेसिन मेे 15 नए कुओं की खुदाई कर प्रदेश में खनिज तेल का उत्पादन 700 बैरल ऑयल प्रतिदिन तक पंहुचाएगी। अभी ऑयल इण्डिया की ओर से राजस्थान में 150 बैरल ऑयल का प्रतिदिन उत्पादन किया जा रहा है, जिसे ऑयल इण्डिया द्वारा इस साल के अंत तक 500 बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाना प्रस्तावित है। बीकानेर-नागौर बेसिन में ऑयल इण्डिया का सेस्मिक सर्वे का कार्य भी जारी है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइन्स एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि ऑयल इण्डिया के अधिकारियों को खोज और उत्पादन कार्यों में तेजी लाने को कहा ताकि प्रदेश में प्राकृतिक गैस और खनिज तेल का उत्पादन बढ़ सके, विदेशी पूंजी की बचत के साथ ही प्रदेश में भी राजस्व की बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने गैस और ऑयल के उत्पादन को बढ़ाने के सभी संभावित उपायों व तकनीक की विस्तार से जानकारी ली।
एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम बुधवार को सचिवालय में ऑयल इण्डिया के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक ले रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पेट्रोलियम और गैस के विपुल भण्डार है और राज्य में चार पेट्रोलियम बेसिन 14 जिलों में डेढ़ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए है। बाड़मेर-सांचोर बेसिन, जैसलमेर बेसिन, बीकानेर-नागौर बेसिन में बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चुरु व विंध्यान बेसिन में कोटाए बारां, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा और चित्तोडग़ढ़ जिले का कुछ हिस्सा शामिल है। उन्होंने बताया कि ऑयल उत्पादन बढ़ाने के लिए समूचे देश में सबसे पहले राजस्थान में आधुनिकतम तकनीक सीएसएस (साइक्लिंग स्टिंग स्टिमोलेशन) का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। ऑयल इण्डिया के जैसलमेर बेसिन में 49 कुएं है। करीब सात लाख घनमीटर गैस रामगढ़ विद्युत प्लांट को उपलब्ध कराई जा रही है। बीकानेर-नागौर बेसिन के बागेवाला में 7 कुओं में खनिज तेल का उत्पादन किया जा रहा है।
ऑयल इण्डिया के राजस्थान फिल्ड के अधिशाषी निदेशक विजय कुमार साहू ने बताया कि जैसलमेर में 49 कुओं की खुदाई की गई है, जिनमें से वर्तमान मेें करीब 17 से 18 कुओं से .7 मिलियन मेट्रिक स्टेण्डर्ड क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस का प्रतिदिन उत्पादन किया जा रहा है। इसी तरह से 150 बैरल ऑयल प्रतिदिन का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 67.6 मेगावाट पवन उर्जा और 14 मेगावाट सोलर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। साहू ने बताया कि ऑयल इण्डिया द्वारा करीब 18 से 19 करोड़ रुपए सालाना का राजस्व राज्य सरकार को दिया जा रहा है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से ऑयल इण्डिया की गतिविधियों की जानकारी दी और स्लाइड प्रजेटेंशन के माध्यम से ऑयल इण्डिया के राजस्थान में हो रहे कार्यों, उत्पादन व अन्य गतिविधियों की जानकारी दी।ऑयल इण्डिया खनिज ऑयल का उत्पादन 700 बैरल प्रतिदिन करेगी

जयपुर। ऑयल इंडिया वित्तीय वर्ष 2024-25 तक बीकानेर-नागौर बेसिन मेे 15 नए कुओं की खुदाई कर प्रदेश में खनिज तेल का उत्पादन 700 बैरल ऑयल प्रतिदिन तक पंहुचाएगी। अभी ऑयल इण्डिया की ओर से राजस्थान में 150 बैरल ऑयल का प्रतिदिन उत्पादन किया जा रहा है, जिसे ऑयल इण्डिया द्वारा इस साल के अंत तक 500 बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाना प्रस्तावित है। बीकानेर-नागौर बेसिन में ऑयल इण्डिया का सेस्मिक सर्वे का कार्य भी जारी है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइन्स एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि ऑयल इण्डिया के अधिकारियों को खोज और उत्पादन कार्यों में तेजी लाने को कहा ताकि प्रदेश में प्राकृतिक गैस और खनिज तेल का उत्पादन बढ़ सके, विदेशी पूंजी की बचत के साथ ही प्रदेश में भी राजस्व की बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने गैस और ऑयल के उत्पादन को बढ़ाने के सभी संभावित उपायों व तकनीक की विस्तार से जानकारी ली।
एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम बुधवार को सचिवालय में ऑयल इण्डिया के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक ले रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पेट्रोलियम और गैस के विपुल भण्डार है और राज्य में चार पेट्रोलियम बेसिन 14 जिलों में डेढ़ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए है। बाड़मेर-सांचोर बेसिन, जैसलमेर बेसिन, बीकानेर-नागौर बेसिन में बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चुरु व विंध्यान बेसिन में कोटाए बारां, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा और चित्तोडग़ढ़ जिले का कुछ हिस्सा शामिल है। उन्होंने बताया कि ऑयल उत्पादन बढ़ाने के लिए समूचे देश में सबसे पहले राजस्थान में आधुनिकतम तकनीक सीएसएस (साइक्लिंग स्टिंग स्टिमोलेशन) का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। ऑयल इण्डिया के जैसलमेर बेसिन में 49 कुएं है। करीब सात लाख घनमीटर गैस रामगढ़ विद्युत प्लांट को उपलब्ध कराई जा रही है। बीकानेर-नागौर बेसिन के बागेवाला में 7 कुओं में खनिज तेल का उत्पादन किया जा रहा है।
ऑयल इण्डिया के राजस्थान फिल्ड के अधिशाषी निदेशक विजय कुमार साहू ने बताया कि जैसलमेर में 49 कुओं की खुदाई की गई है, जिनमें से वर्तमान मेें करीब 17 से 18 कुओं से .7 मिलियन मेट्रिक स्टेण्डर्ड क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस का प्रतिदिन उत्पादन किया जा रहा है। इसी तरह से 150 बैरल ऑयल प्रतिदिन का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 67.6 मेगावाट पवन उर्जा और 14 मेगावाट सोलर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। साहू ने बताया कि ऑयल इण्डिया द्वारा करीब 18 से 19 करोड़ रुपए सालाना का राजस्व राज्य सरकार को दिया जा रहा है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से ऑयल इण्डिया की गतिविधियों की जानकारी दी और स्लाइड प्रजेटेंशन के माध्यम से ऑयल इण्डिया के राजस्थान में हो रहे कार्यों, उत्पादन व अन्य गतिविधियों की जानकारी दी।

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