जयपुर के बाद अब दिल्ली में एक साथ कई बैंक खाते साफ, स्कीमर डिवाइस के शिकार हुए दो सौ निगम कर्मचारी?

Big Online fraud in Delhi...साइबर ठगों ने दिल्ली नगर निगम में काम करने वाले करीब दो सौ कार्मिकों के खाते साफ कर दिए। ये सब इस महीने की पहली तारीख से लेकर सात तारीख के बीच हुआ, यही वह समय होता है जब कार्मिक अपने खातों से पगार निकालते हैं। बड़ी बात ये है कि जो कार्मिक फ्रॉड के शिकार हुए हैं उनमें से अधिकतर के खाते एसबीआई बैंक में हैं।


जयपुर Delhi on line fraud जयपुर के बाद अब दिल्ली में एक साथ बड़ी संख्या में कई बैंक ग्राहकों के खाते साफ हो गए हैं। करीब दो सौ सरकारी कार्मिकों के खातों से इस महीने पहली से सात तारीख के बीच रुपए निकालने की बात सामने आ रही है। ये कार्मिक नगर निगम दिल्ली के कर्मचारी हैं। बड़ी बात ये है कि जो कार्मिक फ्रॉड के शिकार हुए हैं उनमें से अधिकतर के खाते एसबीआई बैंक में हैं। इस ठगी के बाद से हंगामा मचा हुआ है। उधर पुलिस अफसरों का कहना है कि यह कार्ड स्कीमर करने वाले गिरोह का हाथ हो सकता है। राजधानी जयपुर में भी करीब तीन साल पहले एटीएम मशीनों में लगाए जाने वाले कार्ड स्कीमर की मदद से लोगों का डाटा चुराया गया था और उसके बाद करीब चालीस से पचास खातों में से दो दिन में ही लाखों रुपए निकाल लिए गए थे।


अफसरों का कहना खाते कर लिए हैंक, एटीएम से निकले रुपए
पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के 200 से अधिक कर्मचारियों के बैंक खातों को कथित तौर पर हैक कर लिया गया और फरवरी के पहले सप्ताह में पैसे निकाल लिए गए। हालांकि पुलिस को कर्मचारियों से ऑनलाइन धोखाधड़ी की केवल दो शिकायतें मिली हैं, लेकिन एनडीएमसी कर्मचारी संघ का कहना है कि ऑनलाइन ठगी के बाद 200 से अधिक कर्मचारी अपना पैसा खो चुके हैं। कर्मचारियों ने इस बारे में अध्यक्ष को भी पत्र लिखकर बताया है कि अधिकतर सदस्यों के खातों से रुपए एटीएम के जरिए अलग—अलग जगहों पर निकाले गए हैं। उधर पुलिस अफसरों का कहना है कि जिन दो शिकायतों के बारे में जानकारी मिली है उनको गंभीरता से जांच जा रहा है। अगर अन्य लोग भी शिकार हुए हैं तो वे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।


एटीएम क्लोनिंग कर निकाले जा सकते हैं रुपए
साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो इतनी बड़ी संख्याा में खातों से रुपए निकालने के पीछे वैसे तो कई कारण हो सकते हैं लेकिन इनमें सबसे उपर जो कारण है वह है एटीएम कार्ड्स की क्लोनिंग का। इनमें से अधिकतर खाते एक ही बैंक में थे तो इससे क्लोनिंग और आसानी से की जा सकती है। बस देखना यह होगा कि यह क्लोनिंग किस स्टेप पर की गई है। आमिर यादव नाम के कर्मचारी के खाते से दो फरवरी को दो बार लेनदेन हुआ। पहली बार में दस हजार और रुपए बार में पांच हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज आने पर उसने कार्ड ब्लॉक करा दिया।


जयपुर में भी हुई थी इस तरह की ठगी
जयपुर में भी महेश नगर और टोंक रोड इलाकों में रहने वाले कई लोगों के खाते साफ कर दिए गए थे। करीब तीन साल पहले कार्ड क्लोन करने वाले ठगों ने एक साथ कई एटीएम कार्ड क्लोन किए और उसके बाद महेश नगर, टोंक रोड समेत आसपास के कई एटीएम से रुपए निकाल लिए थे। खुलासे में पुलिस को पता चला कि यह नाईजीरियन ठगी गैंग का काम है जिसने यहां के लोकल लोगों के साथ मिलकर ठगी की है।

JAYANT SHARMA Desk
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