आईएसएल-7 से प्रत्येक क्लब में एक एशियाई खिलाड़ी अनिवार्य

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) ने 2020-21 सीजन से प्रत्येक क्लब के लिए एक एशियाई खिलाड़ी को टीम में रखना अनिवार्य कर दिया है।

By: satish

Published: 17 Jun 2020, 10:29 PM IST

कोलकाता। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) ने 2020-21 सीजन से प्रत्येक क्लब के लिए एक एशियाई खिलाड़ी को टीम में रखना अनिवार्य कर दिया है। आईएसएल के आयोजक, फुटबाल स्पोट्र्स डेवलपमेंट लिमिटेड ने सभी क्लब के लिए जो दिशानिर्देश दिया है, उसके मुताबिक, प्रत्येक क्लब को प्रत्येक मैच के दौरान अपनी 18 सदस्यीय टीम में दो डेवपलमेंटल खिलाडिय़ों को रखना अनिवार्य होगा। इन खिलाडिय़ों का जन्म साल 2000 या इसके बाद का होना चाहिए।
पांच विदेशी खिलाड़ी भी दिखाई देंगे
देश की टॉप लीग बन चुकी आईएसएल में पहले की ही तरह पांच विदेशी खिलाड़ी मैदान पर दिखाई देंगे, लेकिन अगले सीजन से टीम में एक एशियाई खिलाड़ी भी होगा। इसके अलावा, अगले सीजन से प्रत्येक क्लब में कम से कम 25 और ज्यादा से ज्यादा 35 खिलाड़ी होंगे। साथ ही एक क्लब कम से कम पांच और ज्यादा से ज्यादा सात ही विदेशी खिलाडिय़ों के साथ करार कर सकता है और इसमें एक एशियाई खिलाड़ी भी होगा।
मामले की जानकारी रखने वाले एक उच्च सूत्र ने एजेंसी से कहा, 18 सदस्यीय टीम में दो डेवलपमेंटल खिलाडिय़ों का होना एक बहुत ही सकारात्मक कदम है। भले ही वे अधिकतर समय बेंच पर होंगे, लेकिन मैच के दिन शीट का हिस्सा होने और विकल्प के रूप में उन्हें मौका मिलने की संभावना ज्यादा होगी। एक और स्वागत योग्य कदम है और वह यह कि कुल मिलाकर खिलाडिय़ों की संख्या 35 करना।
अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ की तकनीकी समिति ने सुझाव दिया था कि अगले साल से घरेलू मैचों में विदेशी खिलाडिय़ों की संख्या प्रति मैच पांच से घटाकर चार कर दी जाए। समिति ने कहा था कि आईएसएल और आई लीग को एशियाई फुटबाल परिसंघ की नीति अपनानी चाहिए जिसमें घरेलू मैच में अधिकतम चार विदेशी खिलाड़ी होते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि नवंबर के तीसरे सप्ताह में आईएसएल के सीजन सात की शुरूआत हो सकती है। पिछले सीजन का फाइनल मैच बिना दर्शकों के ही खाली स्टेडियम में खेला गया था।

satish Desk/Reporting
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