कर्नाटक में बारिश से प्याज खराब, राजस्थान में दाम उछले

नवम्बर से पहले कीमतें घटने की उम्मीद कम... सरकार ने निर्यात पर लगाई रोक, आयात के लिए व्यापारी बना रहे दबाव

By: Gaurav Mayank

Updated: 17 Sep 2020, 09:01 PM IST

जयपुर। पिछले कई वर्षों से देश की राजनीति की सुर्खियों में बना हुआ प्याज इस बार भी चर्चा में है। गत वर्ष की तरह इस बार भी सितम्बर माह में प्याज के दामों में उछाल देखने को मिल रहा है। कर्नाटक सहित प्याज के प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारी बरसात से खरीफ सीजन का आधे से ज्यादा प्याज खराब हो गया है, इससे स्थानीय स्तर पर भी आवक प्रभावित होने से प्याज के दामों में एकदम उछाल आ गया है। होलसेल में प्याज 20-25 रुपए बिक रहा है।

निर्यात पर रोक, आयात की मांग
हाल ही में केन्द्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी है। वहीं दूसरी तरफ नए प्याज की आवक बरसात व प्रतिकूल मौसम से प्रभावित हुई है। देश में प्याज उपलब्धता का संतुलन गड़बड़ा गया है। एेसे में व्यापारी सरकार से प्याज की आयात की मांग कर रहे है। अफगानिस्तान सहित अन्य देशों से प्याज की नई फसल आने के लिए तैयार है।

देश मे 2.5 करोड़ टन उत्पादन, राजस्थान का हिस्सा 5 प्रतिशत
देश में कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, बिहार व राजस्थान प्याज के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। इसमें से एक तिहाई उत्पादन महाराष्ट्र से आता है। वहीं कुल उत्पादन में राजस्थान का हिस्सा 5 प्रतिशत है।

राजस्थान में प्याज भण्डारण की उचित व्यवस्था नहीं है। सरकार को महराष्ट्र-मध्यप्रदेश की तरह प्याज भण्डारण के लिए व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसान अपना माल भण्डारण कर जरुरत पडऩे पर बेच सके।

राकेश परिहार, डायरेक्टर, कृषि उपज मंडी समिति

प्याज उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के चलते 50 फ ीसदी से अधिक फ सल खराब हो गई है। किसानों के पास पुराना प्याज खत्म हो रहा है, भण्डारण की व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते प्याज की कीमतों में बढोतरी होना शुरू हो गई है।
तुलछाराम सिंवर, प्रगतिशील किसान

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