scriptonline class, prayer-canteen closed | डिजिटल क्लास भी चलेगी, प्रार्थना सभा-कैंटीन बंद, निगरानी करेगी टीम | Patrika News

डिजिटल क्लास भी चलेगी, प्रार्थना सभा-कैंटीन बंद, निगरानी करेगी टीम

- बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंता, स्कूल-कॉलेज-विवि और छात्रावास के लिए एसओपी जारी

पत्रिका ने अभिभावक सर्वे के माध्यम से उठाया था मुदृदा

जयपुर

Updated: November 27, 2021 02:01:43 am

जयपुर। राज्य सरकार ने एक बार फिर कोरोना को लेकर बढ़ती चिंता का अहसास कराया है। स्कूल में कक्षाएं लगने के साथ डिजिटल क्लास भी जारी रहेंगी, लेकिन प्रार्थना, सार्वजनिक सभा और कैंटीन पर पाबंदी रहेगी। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर 10 दिन उस कमरे को बंद रखना होगा। शैक्षणिक संस्थान परिसर में 'नो मास्क,नो एंट्री' व दो गज की दूरी के प्रावधानों का पालन करना होगा।
गृह विभाग ने कोरोना के कारण अभिभावकों में बढ़ती चिंता को देखते हुए शुक्रवार को स्कूल—कॉलेज—विवि और छात्रावास के लिए एसओपी जारी कर दी। पत्रिका ने अभिभावक सर्वे के माध्यम से यह मुदृदा उठाया था। शिक्षण संस्थान के लिए आवश्यक है कि शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ से लेकर बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाले वाहन चालक तक को वैक्सीन की दोनों डोज लगी होनी चाहिए। वाहन में क्षमता से अधिक सवारी नहीं हों और स्कूल बुलाने से पहले अभिभावकों की सहमति ली जाए। स्कूल आने के लिए दवाब नहीं बनाया जाए, जिसके लिए बच्चों को आॅनलाइन क्लास का विकल्प दिया जाए। स्कूल के प्रवेश द्वार पर स्क्रीनिंंग की व्यवस्था और परिसर में छात्र—स्टाफ या अभिभावक कोई भी जमा नहीं हों।
सेनेटाइजेशन पर जोर
हर फ्लोर पर क्लास रूम से लेकर रैलिंग, फर्नीचर और फर्श तक सब कुछ रोजाना सेनेटाक्रिइज किया जाए। खिडकी—दरवाजे खुले रखे जाएं।
आरटीपीसीआर कराया जाए
किसी भी छात्रावास में बाहर से आने वाले का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाए और रिपोर्ट आने तक उस व्यक्ति को क्वारेंटाइन रखा जाए।
इंसीउेंट कमांडर्स की व्यवस्था
कोरोना बचाव के उपायों की क्रियान्विति के लिए इंसीडेंट कमांडर्स की व्यवस्था जारी रहेंगी। जिला प्रशासन, पुलिस व नगर निकाय का संयुक्त प्रवर्तन दल बनाकर निगरानी के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह दल मास्क, सामाजिक दूरी व एसओपी की सख्ती से पालना सुनिश्चित करेगा और इसकी पालना नहीं होने पर संस्था प्रधान पर कार्रवाई होगी।
जागरण दल बनाए जाएंगे
जिला कलकटर व इंसीडेंट कमांडर्स विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल कर संयुक्त दल बनाएंगे, जो कोविड उपयुक्त व्यवहार, टीकाकरण व जनजागरण अभियान चलाएंगे। एक टीम में कम से कम दो अधिकारी होंगे। एक पुलिसकर्मी या होमगार्ड निगरानी दल में शामिल होंगे। इनको विशेष कैप या बैज दिए जा सकेंगे। यह दल आपदा प्रबंधन अधिनियम व महामारी अधिनियम की पालना सुनिश्चित कराएंगे।
अभिभावकों को देनी होगी सूचना
छात्र या उसके परिजन के संक्रमित होने पर अभिभावकों को विद्यालय प्रशासन को सूचित करना होगा।
नोडल अधिकारी की नियुक्ति व रेडम सर्वे
चिकित्सा विभाग समय समय पर छात्र एवं स्टाफ की रेंडम सेंपलिंग कराएगा। पुलिस, यातायात व चिकित्सा विभाग स्कूल वाहनों की रेंडम जांच करेगा। शिक्षा अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी और गाइडलाइन की पालना के लिए शाला प्रधान व प्रशासन जिम्मेदार होगा। कलक्टर प्रोटोकॉल की पालना के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा। संक्रमण का खतरा होने पर कलक्टर स्कूल व छात्रावास को बंद करवा सकेगा।
हर जगह सामाजिक दूरी आवश्यक
सार्वजनिक, सामाजिक, राजनैतिक, खेलकूद, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक व धार्मिक समारोह, त्योहार व शादी समारोह में दो गज की सामाजिक दूरी आवश्यक।
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