किसानों को नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर, सरकार ने शुरू की यह सुविधा

Savita Vyas

Publish: Jun, 01 2019 09:12:02 AM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर। सहकारी फसली ऋण वितरण कार्यक्रम अब पेपरलेस होगा। ऋण के आवेदन से लेकर वितरण तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होगी। इसके लिए विभाग का सहकारी फसली ऋण पोर्टल 3 जून से प्रभावी होगा। ऋण लेने वाले किसान अब ऑनलाइन आवेदन करेंगे।
ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) एवं बहुउद्देशीय कृषि ऋणदात्री सहकारी समितियों (लै प्स) के माध्यम से फसली ऋण का वितरण ऑनलाइन ही किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से व्यवस्थापक स्तर पर किसानों के चयन में मनमानी पर रोक लगेगी। अब किसान की मैक्जिमम क्रेडिट लिमिट (एमसीएल) भी सीसीबी स्तर पर ही तय होगी। ऋण के लिए किसान को समिति या ई-मित्र केन्द्र से ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। पंजीयन बायोमीट्रिक सत्यापन के आधार पर होगा। इसके बाद डिजीटल मेंबर रजिस्टर (डीएमआर) के माध्यम से ऋण दिया जाएगा। डूंगरपुर व अन्य जिलों में सामने आए फर्जी खातों वाले फर्जीवाड़े रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि पोर्टल पर ऋण माफी योजना वर्ष 2018 व 2019 के लाभार्थी किसानों की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। पहले चरण में उन्हीं किसानों का पंजीकरण होगा, जो पूर्व में समय पर ऋण चुकाते आए हैं।
जीआरए करेगी परीक्षण
पंजीकृत किसान की अधिकतम साख सीमा की स्वीकृति या अस्वीकृति की कार्यवाही समिति को 10 दिवस में पूरी करनी होगी। अन्यथा पंजीकृतों की एमसीएल स्वीकृत मानकर बैंक आगे की कार्यवाही करेंगे। समिति की ओर से एमसीएल पर आपत्ति करने पर यह मामला शाखा स्तर पर गठित ग्रीवेन्स रिड्रेसल अथॉरिटी (जीआरए) के पास जाएगी।

 

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