बस 7 प्रतिशत ने ही निर्यात की ठानी, 4 जिलों में 'शून्य' कहानी

— मिशन निर्यातक बनो: डेढ़ महीने में 22731 की तुलना में 1487 उद्यमियों ने ही लिया आइइसी कोड

 

By: Pankaj Chaturvedi

Published: 13 Sep 2021, 10:00 PM IST

जयपुर. निर्यात के क्षेत्र में राजस्थान के पिछड़ने के बावजूद प्रदेश के उद्यमियों का इम्पोर्ट— एक्सपोर्ट कोड लेने के प्रति रुझान नहीं है। सरकार की ओर से शुरु हुए मिशन निर्यातक बनो की जिलावार पड़ताल करने पर यही तस्वीर सामने आई है। मिशन की लांचिंग से अब तक बीते डेढ़ महीने में सिर्फ जयपुर और अलवर ही ऐेसे जिले रहे हैं, जहां सौ से अधिक उद्यमियों ने आइइसी कोड हासिल किए हैं। हालांकि इन जिलों में भी तय लक्ष्यों के सिर्फ 17 से 19 प्रतिशत ही उद्यमी ही निर्यात के प्रति आकर्षित हुए। पूरा मिशन अब तक अपने लक्ष्यों की तुलना में महज सात प्रतिशत ही आइइसी पूरे कर पाया है। बारां, बाड़मेर, करौली और धौलपुर तो ऐसे जिले रहे हैं, जहां एक भी उद्यमी ने आइइसी कोड अब तक हासिल नहीं किया है।

बड़े शहरों में भी बेरुखी

पूरे मिशन के तहत औद्योगिक नजरिए से बड़े छह शहरों में एक हजार से अधिक आइइसी के लक्ष्य दिए गए थे। जयपुर को छोड़ दें तो भीलवाड़ा, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर दस प्रतिशत भी निर्यातक नहीं बने। 13 जिलों में नए निर्यातकों का आंकड़ा दो अंकों में भी नहीं पहुंच पाया।

वाणिज्य उत्सव में जानेंगे कारण

केन्द्र और राज्य की साझेदारी में 20 से 26 सितंबर तक प्रदेश में होने वाले वाणिज्य उत्सव में सरकार उद्यमियों से आइसीसी से प्रति बेरुखी के कारण जानने की कोशिश करेगी। साथ ही उन्हें कम निर्यात से हो रहे नुकसान के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। 21 और 22 सितंबर को जयपुर में बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है। फिर जिलों में भी ऐसे कार्यक्रम होंगे।

सर्वाधिक उपलब्धि वाले जिले

जिला— आइइसी लक्ष्य— आइइसी बने

जयपुर— 3408— 637
अलवर— 716— 122
भरतपुर— 565— 63
चित्तौडगढ़— 575— 57
टोंक— 267— 22

Pankaj Chaturvedi
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