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जयपुर

एक ही सवाल, खींवसर विधानसभा सीट से कौन होगा प्रत्याशी

पिछली बार जब बेनीवाल सांसद बने थे तो उन्होंने अपने भाई को ही विधायक का चुनाव लड़ाया था। लेकिन इस बार अभी तक यह क्लियर नहीं हो पाया है कि वे अपने परिवार से इस सीट पर उम्मीदवार उतारेंगे या फिर किसी कार्यकर्ता को मौका मिलेगा।

जयपुरJun 29, 2024 / 12:00 pm

rajesh dixit

Hanuman Beniwal interesting statement no resignation Vidhan Sabha and Lok Sabha both member should get right

Hanuman Beniwal interesting statement : सांसद बनने के बाद हनुमान बेनीवाल ने आज 18 जून को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया।

-हनुमान बेनीवाल बने सांसद, दिया इस्तीफा, जल्द होंगे उपचुनाव
खींवसर विधानसभा क्षेत्र

जयपुर। राजस्थान में जिन पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें से एक नागौर जिले की खींवसर विधानसभा सीट भी है। इस सीट पर रालोपा के हनुमान बेनीवाल का ही कब्जा रहा है। पिछली बार जब बेनीवाल सांसद बने थे तो उन्होंने अपने भाई को ही विधायक का चुनाव लड़ाया था। लेकिन इस बार अभी तक यह क्लियर नहीं हो पाया है कि वे अपने परिवार से इस सीट पर उम्मीदवार उतारेंगे या फिर किसी कार्यकर्ता को मौका मिलेगा।
पिछला विधानसभा चुनाव कम मार्जिन से जीता
नवम्बर 2023 में हुए चुनाव में हनुमान बेनीवाल ने बहुत कम मतों से विधायक का चुनाव जीता था। वे मात्र 2059 वोट से ही अपनी जीत दर्ज करा पाए थे। इसके अलावा उनकी पार्टी रालोपा से भी कोई प्रत्याशी अपनी जीत दर्ज नहीं करा पाया था। ऐसे में यही माहौल बना था कि अब रालोपा का अस्तित्व खत्म हो रहा है। इधर बेनीवाल ने लोकसभा चुनाव में अपनी जीत दर्ज करा कर क्षेत्र में रालोपा की उपस्थिति एक बार फिर दर्ज कराई है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस यहां तीसरे स्थान पर रही थी। कांग्रेस के तेजपाल मिर्धा ने यहां से चुनाव लड़ा था।
कांग्रेस के गठबंधन पर असमंजस
इधर लोकसभा चुनाव में रालोपा ने कांग्रेस से गठबंधन किया था। लेकिन विधानसभा चुनाव में इसकी संभावना नहीं के बराबर जताई जा रही है। इधर बेनीवाल ने भी कहा है कि रालोपा के कारण ही कांग्रेस की राज्य में 11 सीटें लेकर आई है। न की कांग्रेस के कारण रालोपा को बढ़त मिली है। इसके अलावा बेनीवाल ने भी संकेत दिए हैं कि रालोपा का इंडिया से गठबंधन लोकसभा चुनाव में था, विधानसभा चुनाव में रालोपा अकेले ही चुनाव लडेगी।
पिछली बार उतारा था अपने भाई को
हनुमान बेनीवाल यहां से लगातार चार बार से विधायक बन रहे हैं। वे वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव में जीते थे। लेकिन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से गठबंधन कर सांसद बन गए। ऐसे में उन्होंने अपने भाई नारायणराम बेनीवाल को खींवसर सीट से उतारा और उन्हें जीत दिलाई। इसी तरह एक बार फिर ऐसी ही स्थिति बनी है। इस बार वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव बेनीवाल ने लड़ा। इस बार इन्होंने कांग्रेस से गठबंधन किया। लोकसभा का चुनाव जीत गए हैं। इस्तीफा दे दिया है।
पिछले चार चुनाव बेनीवाल ने ही जीते
वर्ष 2008
प्रत्याशी—पार्टी—वोट मिले—प्रतिशत
हनुमान बेनीवाल-भाजपा-58760—45.32
दुर्गसिंह-बसपा–34317—26.47

सहदेव-कांग्रेस-17150— 13.23

वर्ष 2013
हनुमान बेनीवाल-निर्दलीय-65399

दुर्गसिंह-बसपा-42389

वर्ष 2018
हनुमान बेनीवाल–रालोपा–83096—44.65
सवाईसिंह चौधरी-कांग्रेस–66148–35.54

रामचंद्र उत्ता-भाजपा-26809—14.10

वर्ष 2023
हनुमान बेनीवाल-रालोपा–79492–37.97
रेवंतराम डांगा-भाजपा-77433-36.99
तेजपाल मिर्धा-कांग्रेस-27463-13.26
कांग्रेस ने किया कमेटियों का गठन
इधर कांग्रेस ने विधानसभा उपचुनाव के लिए कमेटियों को गठन किया है। जिसमें खींवसर सीट से चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। जिसमें जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत, विधायक डूंगरराम गेदर, प्रदेश सेवादल के मुख्य संगठक हेमसिंह शेखावत व एनएसयूआई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी बनाए गए हैं।

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