फीस वसूलने का नया पैंतरा: फीस जमा करवाओ तभी भरने देंगे बोर्ड परीक्षा फॉर्म

निजी स्कूलों ने परिजनों से फीस वसूलने के लिए नया पैंतरा निकाला है। स्कूल प्रशासन बच्चों को बोर्ड परीक्षा के आवेदन पत्र भरने नहीं दे रहे हैं। परीक्षा फॉर्म भरवाने से पहले फीस जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है।

By: kamlesh

Updated: 22 Nov 2020, 02:06 PM IST

जयपुर। निजी स्कूलों ने परिजनों से फीस वसूलने के लिए नया पैंतरा निकाला है। स्कूल प्रशासन बच्चों को बोर्ड परीक्षा के आवेदन पत्र भरने नहीं दे रहे हैं। परीक्षा फॉर्म भरवाने से पहले फीस जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है। नंवबर तक की ड्यू फीस जमा करवाने के नोटिस परिजनों को भेजे जा रहे हैं। फीस जमा नहीं करवाने तक ऑनलाइन फॉर्म भरने नहीं दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, बोर्ड के हेल्पलाइन के नंबर पर शिकायत करने में भी परिजन घबरा रहे हैं।

ऐसे की जा रही फीस की वसूली
केस 1
राजापार्क स्थित एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा का बच्चा बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने परिजनों के साथ गया। स्कूल ने फॉर्म भरवाने से पहले दूसरी तिमाही की फीस के 9,500 रुपए भरने के लिए कहा। पहली तिमाही की फीस परिजन पहले ही भर चुके थे। जब तक फीस नहीं भरी गई, तब तक आवेदन नहीं करने दिया गया।

केस 2
टोंक रोड स्थित एक अन्य निजी स्कूल ने बोर्ड परीक्षा के फॉर्म तभी भरने दिया, जब परिजनों से छह महीने की पूरी फीस ले ली। करीब 21 हजार रुपए हर परिजन से लिए गए। उसके बाद ही आवेदन करने दिया गया। परिजनों ने शिकायत भी करनी चाही लेकिन डर के कारण नहीं कर पाए। परिजनों का कहना था कि कहीं स्कूल प्रशासन बच्चों को परेशान न करें।

इन हेल्पलाइन नंबर या पोर्टल पर कर सकते हैं शिकायत
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने निजी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। यदि कोई स्कूल बोर्ड परीक्षा के आवेदन पत्र भरवाने में आनाकानी करें तो विद्यार्थी और अभिभावक बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर 0145-2632866, 2632867 और 2632868 पर सूचित कर सकते हैं। बोर्ड ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से कहा है कि स्कूल का कोई भी कर्मचारी किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव डालता है तो वह बोर्ड की हेल्पलाइन पर सम्पर्क कर सकते हैं। हालांकि, हेल्पलाइन नंबर जारी करने के बाद शिकायतें न के बराबर आई हैं।

हमने परिजनों व विद्यार्थियों के लिए हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। जिन पर वे शिकायत कर सकते हैं। निजी विद्यालयों का नैतिक दायित्व है कि जो विद्यार्थी उनके विद्यालय में कई साल तक अध्ययन करके जब बोर्ड परीक्षा देने के लिए पात्र बना है तब ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं डाले।
- डीपी जारोली, अध्यक्ष, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

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