स्मार्ट सिटी में अवैध डेयरियों का संचालन, जिम्मेदार मौन तो फिर सुने कौन

गली-मोहल्लों में पशुओं का डेरा, आवाजाही में हो रही दिक्कत

कटेवा नगर प्रकरण पर भी खूब हुई थी राजनीति, फिर भी नहीं सुधरे हालात

By: Amit Pareek

Published: 03 Jan 2021, 11:30 AM IST

जयपुर. एक ओर तो राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर शहर की बरसों पुरानी समस्याओं से छुटकारा पाने की कवायद राजनीति में उलझ कर रह गई है। कुछ ऐसा ही हाल है शहर में संचालित अवैध डेयरियों का जिसके कारण लोग परेशान हैं। परकोटा से लेकर शहर के बाहरी इलाकों तक बुरा हाल है। शिकायतें भी खूब आती हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही हो रही है। 10 दिन पहले कटेवा नगर में अवैध डेयरी पर कार्रवाई के दौरान दोनों निगमों की महापौर सीमा विवाद के कारण आमने-सामने हो गईं थीं। इसके बाद अब तक वहां कुछ भी नहीं बदला है। हैरिटेज नगर निगम की ओर से वहां अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि उस समय महापौर मुनेश गुर्जर ने कार्रवाई की बात कही थी।
कटेवा नगर में कई डेयरियां अवैध रूप से संचालित हो रही हैं। ऐसे में सुबह 10 बजे के बाद इन गायों को छोड़ दिया जाता है। देवी नगर, श्याम नगर, गुर्जर की थड़ी और गोपालपुरा के आस-पास घूमती हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार पार्षद से भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनार पौधे लगाते हैं तो गाय इनको नहीं रहने देतीं।

दो साल बाद भी सब कुछ यथावत

नाहरगढ़ रोड स्थित तोलाराम पालीवाल की गली में लोगों की आवाजाही के लिए रास्ता तक नहीं बचता है। पिछले दो साल से स्थानीय लोग अवैध डेयरी हटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। पुरानी बस्ती विकास समिति के पदाधिकारी 50 से अधिक शिकायतें कर चुके। जिला कलक्टर ने भी अवैध डेयरी हटाने के आदेश कर दिए। कुछ माह पहले यहां पर निगम कर्मचारियों के साथ मारपीट तक हो गई थी।

कटेवा नगर में अवैध डेयरियों को लेकर मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। जिस दिन मेरे पास कोई शिकायत आएगी तो मैं कार्रवाई करूंगी।

मुनेश गुर्जर, महापौर, हैरिटेज नगर निगम

Amit Pareek Desk
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