राजस्थान विश्वविद्यालय के शिक्षकों पर कार्यवाही का विरोध

शिक्षकों में आक्रोश
रूक्टा राष्ट्रीय ने की निंदा, समाधान निकालने की मांग
दी आंदोलन की चेतावनी
महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के शिक्षक भी आए समर्थन में
कहा,शिक्षकों को निलम्बित किए जाने का कृत्य शिक्षक वर्ग की प्रतिष्ठा गिराने जैसा
शिक्षकों को तुरंत प्रभाव से बहाल करे राजस्थान विश्वविद्यालय

By: Rakhi Hajela

Published: 16 Oct 2020, 03:49 PM IST


राजस्थान विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शिक्षकों को निलंबित करने और शिक्षकों के विरुद्ध एफ आई आर करने की निंदा करते हुए अविलंब समाधान निकालने की मांग की है। रुक्टा राष्ट्रीय के प्रदेश महामंत्री डॉ. नारायण लाल गुप्ता ने बताया कि कुछ सिंडीकेट सदस्यों ने वैचारिक और राजनीतिक दुर्भावनावश अकारण परिवीक्षा काल पूरे कर चुके शिक्षकों के स्थायीकरण आदेश को लंबित किया। अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्वक धरना दे रहे शिक्षकों के साथ बल प्रयोग किया गया। रजिस्ट्रार द्वारा महिला शिक्षकों के साथ धक्का.मुक्की की गई और इसके बाद विश्वविद्यालय में बाहरी तत्वों को प्रायोजित रूप से बुलाकर माहौल बिगाडऩे का प्रयास किया। जिसके समुचित वीडियो प्रमाण उपलब्ध हैं। उन्होने कहा कि कुलपति ने एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए दो शिक्षकों को निलंबित किया और शिक्षकों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई। इससे राज्य की उच्च शिक्षा में कार्यरत 5000 से अधिक शिक्षकों में राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आक्रोश है।
रुक्टा राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय सिंह शेखावत ने कहा कि अपने न्यायोचित मांगों के लिए संघर्ष कर रहे राजस्थान विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ राज्य की उच्च शिक्षा में कार्यरत समस्त महाविद्यालय और विश्वविद्यालय शिक्षक मजबूती से खड़े हैं। संगठन मांग करता है कि रजिस्ट्रार के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज करा कर उन्हें निलंबित किया जाए तथा इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाई जाए ।
उन्होंने कहा कि परिवीक्षा काल पूर्ण कर चुके शिक्षकों को स्थाई नहीं करना नियम और विधि विरुद्ध है। संगठन मांग करता है कि सभी पात्र शिक्षकों को अविलंब स्थाई करने की प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा शिक्षकों के हित में लोकतांत्रिक ढंग से अपनी मांग रख रहे शिक्षकों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट वापस लेकर निलंबित शिक्षकों की बहाली की जाए। यदि इस संबंध में शीघ्र समुचित कार्यवाही नहीं होती है तो संपूर्ण राजस्थान में उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षक आंदोलन के लिए विवश होंगे।
वहीं दूसरी ओर महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर ने भी शिक्षकों पर की गई कार्यवाही का विरोध किया है। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षकों को निलम्बित किए जाने का कृत्य शिक्षक वर्ग की प्रतिष्ठा गिराने जैसा है। विवि प्रशासन को राज्य अधिकारी के विरूद्ध उचित कार्यवाही करते हुए शिक्षकों को तुरंत प्रभाव से बहाल करना चाहिए।

Rakhi Hajela Desk
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