राजस्थान विश्वविद्यालय के शिक्षकों पर कार्यवाही का विरोध


रूक्टा राष्ट्रीय ने की समाधान निकालने की मांग
दी आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश के अन्य विवि के शिक्षक भी आए समर्थन में

By: Rakhi Hajela

Published: 16 Oct 2020, 10:44 PM IST

राजस्थान विश्वविद्यालय में कुलसचिव और शिक्षकों के मध्यम हुए विवाद का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद और हाथापाई के बाद जहां शिक्षक कुलपति से कुलसचिव को हटाए जाने की मांग कर रहे थे वहीं विवि प्रशासन ने कार्यवाही करते हुए दो शिक्षकों को ही निलम्बित कर दिया, जिसके बाद इस मामले ने और तूल पकड़ लिया है। प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने जहां इस निलम्बन को लेकर आक्रोश व्यक्त किया वहीं राजस्थान विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ रूक्टा राष्ट्रीय ने विवि प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि निलम्बन वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश में उच्च शिक्षा में कार्यरत सभी शिक्षक आंदोलन पर चले जाएंगे।

शिक्षकों को बहाल करने की मांग

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर ने भी शिक्षकों पर की गई कार्यवाही का विरोध किया है। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षकों को निलम्बित किए जाने का कृत्य शिक्षक वर्ग की प्रतिष्ठा गिराने जैसा है। विवि प्रशासन को राज्य अधिकारी के विरूद्ध उचित कार्यवाही करते हुए शिक्षकों को तुरंत प्रभाव से बहाल करना चाहिए। इसी प्रकार जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय ने भी शिक्षकों के निलम्बन का विरोध किया है। संस्कृत विवि शिक्षक संघ के सचिव शास्त्री कोसलेंद्रदास ने कहा राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षकों के निलंबन से शिक्षा जगत का माहौल खराब हुआ है। इससे विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक स्वरूप को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई तुरंत होनी चाहिए।

काली पट्टी बांध कर जताया विरोध

अखिल राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ व जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के शिक्षकों ने इस निलंबन करने के विरोध में काली पट्टी बांध अपना रोष प्रकट किया।महासंघ के प्रदेश संयोजक व जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. डीएस खीची ने बताया कि शिक्षा के मंदिर में एक उच्च प्रशासनिक अधिकारी का मूल्यहीन व्यवहार न केवल समाज को गलत संदेश देता है बल्कि राजस्थान विश्वविद्यालय के गरिमामय इतिहास में काले धब्बे के रूप में अंकित हुआ है। हद तो तब हो गई जब कुलपति द्वारा रजिस्ट्रार के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय पीड़ित पक्ष के खिलाफ ही कार्रवाई करते हुए दो शिक्षक नेताओं को निलंबित कर दिया।उन्होंने कहा कि कि राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक समुदाय डराने धमकाने की इस तरह की कार्रवाई को सहन नहीं करेगा । महासंघ के बैनर तले कल मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय, उदयपुर के शिक्षक भी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के विरोध में काली पट्टी बांध अपना रोष प्रकट करेंगे। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप किए जाने की मांग की।
रूक्टा ने की समाधान निकालने की मांग

रुक्टा राष्ट्रीय के प्रदेश महामंत्री डॉ. नारायण लाल गुप्ता ने बताया कि कुछ सिंडीकेट सदस्यों ने वैचारिक और राजनीतिक दुर्भावनावश अकारण परिवीक्षा काल पूरे कर चुके शिक्षकों के स्थायीकरण आदेश को लंबित किया। अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्वक धरना दे रहे शिक्षकों के साथ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि परिवीक्षा काल पूर्ण कर चुके शिक्षकों को स्थाई नहीं करना नियम और विधि विरुद्ध है। संगठन मांग करता है कि सभी पात्र शिक्षकों को अविलंब स्थाई करने की प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा शिक्षकों के हित में लोकतांत्रिक ढंग से अपनी मांग रख रहे शिक्षकों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट वापस लेकर निलंबित शिक्षकों की बहाली की जाए। यदि इस संबंध में शीघ्र समुचित कार्यवाही नहीं होती है तो संपूर्ण राजस्थान में उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षक आंदोलन के लिए विवश होंगे।

Rakhi Hajela Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned