मदरसा पैराटीचर्स के मानदेय में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का आदेश जारी

राज्य के करीब 6 हजार मदरसा पैराटीचर्स के लिए अच्छी खबर है। उनका मानदेय 15 प्रतिशत बढ़ाने के आदेश आज अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग ने जारी कर दिए हैं।

By: Tasneem Khan

Published: 30 Jun 2020, 07:22 PM IST

जयपुर। राज्य के करीब 6 हजार मदरसा पैराटीचर्स के लिए अच्छी खबर है। उनका मानदेय 15 प्रतिशत बढ़ाने के आदेश आज अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग ने जारी कर दिए हैं। इस आदेश के मुताबिक पहले चरण के पैराटीचर्स के मानदेय में 1400 रुपए और छठे चरण के पैराटीचर्स के मानदेय में 1100 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी अप्रेल से लागू होगी। पैराटीचर्स कई सालों से इस मानदेय के बढ़ने के इंतजार में थे।
पिछले साल की थी घोषणा
लम्बे समय से कोई बढ़ोतरी ना मिलने के बाद पिछले साल राज्य की कांग्रेस सरकार ने अप्रेल 2020 से 15 प्रतिशत मानदेय बढ़ाने का आश्वासन दिया था। साथ ही बजट 2019—2020 में इस मानदेय के लिए प्रस्ताव पास भी कर दिया गया था।
पांच साल में दो बार बढ़ा था मानदेय
मदरसा पैराटीचर्स के मानदेय में हर साल जुलाई माह में अधिकतम 400 रूपए का इंक्रीमेंट दिया जाता है। बढ़ोतरी की बात करें तो पिछली भाजपा सरकार के पांच सालों में दो बार इनके मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नई सरकार आने के बाद से पैराटीचर्स को मानदेय बढ़ाने की उम्मीद थी। लेकिन अप्रेल माह में यह बढ़ोतरी नहीं किए जाने से वे निराश थे।

न्यूनतम मानदेय पर कर रहे काम
राज्य में 2001 से मदरसा पैराटीचर्स की भर्ती होना शुरू हुई थी। 3500 रजिस्टर्ड मदरसों में इस समय 6000 से ज्यादा मदरसा पैराटीचर्स सेवाएं दे रहे हैं। इनका अधिकतम मानदेय 9000 रुपए है और न्यूनतम 7000 रुपए का मानदेय दिया जाता है।

Tasneem Khan Desk
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