राजस्थान में ऑक्सीजन संकट गहराया, बड़े अस्पतालों ने खड़े किए हाथ, मरीज भर्ती करना किया बंद

कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन की भारी किल्लत झेल रहे राजस्थान के लिए अब केंद्र सरकार ने पानीपत प्लांट से सप्लाई बंद कर दी है।

By: santosh

Updated: 07 May 2021, 09:50 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
जयपुर। कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन की भारी किल्लत झेल रहे राजस्थान के लिए अब केंद्र सरकार ने पानीपत प्लांट से सप्लाई बंद कर दी है। केंद्र के इस निर्णय के बाद राज्य के बड़े निजी अस्पतालों ने गुरुवार को मरीजों को भर्ती नहीं करने की सूचना अपने सूचना पट्ट पर चस्पा कर दी। इन निजी अस्पतालों को पानीपत प्लांट से ही ऑक्सीजन की आपूर्ति होती रही है। इतना ही नहीं केंद्र के इस फैसले के खिलाफ राजधानी के पांच बड़े निजी अस्पतालों ने अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है।

जानकारी के अनुसार राजधानी के महात्मा गांधी, संतोकबा दुर्लभजी, नारायणा और भगवान महावीर कैंसर अस्पताल सहित अजमेर के मित्तल अस्पताल को पानीपत प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई होती रही है। दरअसल, पानीपत से ऑक्सीजन आने में मात्र छह से सात घंटे लगते थे, लेकिन अब जामनगर से 15 घंटे और ओडिशा व प. बंगाल के आवंटित केंद्रों से ऑक्सीजन आने में पांच दिन का समय लगेगा। ऐसे में वे मरीजों की जान कैसे बचा पाएंगे।

-चंद घंटों की ऑक्सीजन शेष, अब नहीं कर पाएंगे भर्ती

गुरुवार को उस समय बड़ी खलबली मची, जब कुछ निजी अस्पतालों ने अपने यहां नोटिस लगाकर कहा कि उनके यहां कुछ ही घंटों की ऑक्सीजन शेष रही है। प्रदेश के निजी व सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता को लेकर पहले ही समस्या बनी हुई है। ऐसे में इन अस्पतालों के मरीजों के भर्ती करने से मना करने के बाद संकट और बढ़ गया है।

-जामनगर से देंगे इन अस्पतालों को
निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई बंद किए जाने के बाद हरकत में आई राजस्थान सरकार ने अब जामनगर से आ रहे ऑक्सीजन टैंकरों से इन अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का फैसला किया है। हालांकि रात तक इसकी जानकारी भी निजी अस्पतालों को नहीं थी।

-इनका कहना है
महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट दूर किया जा रहा है। शुक्रवार को इन अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई कर दी जाएगी।
-रघु शर्मा, चिकित्सा मंत्री

-केंद्र व राज्य में खींचतान
राजस्थान सरकार ने मौजूदा स्थितियों में 615 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत बताई है। आरोप है कि केंद्र सरकार के स्तर पर आंकड़ों की उठापटक चल रही है। केंद्र ने राजस्थान को रिलायंस रिफाइनरी जामनगर से ऑक्सीजन आवंटन 30 मीट्रिक बढ़ाकर पानीपत से 15 मीट्रिक टन का आवंटन फिलहाल बंद कर दिया है। यानी, अभी केवल 15 मीट्रिक टन ही ऑक्सीजन अतिरिक्त मिल पाएगी। जबकि, राज्य सरकार केंद्र को मौजूदा स्थितियों में राजस्थान में 615 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत जता चुकी है। इसमें राज्य के अस्पतालों में उत्पादित ऑक्सीजन की मात्रा भी शामिल है।

-आवंटन तो कर दिया पर हर दिन 100 मीट्रिक टन का इंतजार
केंद्र सरकार ने ओडिशा के कालिंगानगर और प. बंगाल के बुर्नपुर प्लांट से 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का आवंटन तो कर दिया, लेकिन एक सप्ताह बाद भी वहां से ऑक्सीजन नहीं आ पाई है। राजस्थान सरकार वहां की बजाय इस ऑक्सीजन को जामनगर से ही आवंटन कराना चाह रही है। तर्क दिया गया है कि राज्य के पास जितने भी टैंकर हैं और उन्हें कालिंगानगर और बुर्नपुर भेजें तो भी 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन यहां आने में पांच दिन लगेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी यह बात कह चुके हैं।

-हमें इतनी ऑक्सीजन की जरूरत
-7 मई 615 मीट्रिक टन
-10 मई 795 मीट्रिक टन

-प. बंगाल के लिए एयरलिफ्ट होंगे तीन टैंकर
प. बंगाल के बुर्नपुर स्थित प्लांट से ऑक्सीजन लाने के लिए वायुसेना का विमान उड़ान भरेगा। राज्य सरकार ने वायुसेना को प्रस्ताव भेज दिया है और शुक्रवार को ही वायुयान भेजने की जरूरत जताई है। हालांकि वायुसेना ने अभी तक इसके लिए शेड्यूल जारी नहीं किया है।

-पानागढ़ पहुंचे टैंकर में से नहीं मिलेंगे हमें
सिंगापुर से प. बंगाल स्थित पानागढ़ एयरपोर्ट पहुंचे टैंकर में से राजस्थान को टैंकर नहीं मिलेंगे। जबकि, पहले इनमें से चार टैंकर राज्य को मिलना तय हुआ था। केंद्र ने फिलहाल इसके बदले पांच टैंकर गुजरात से दिए हैं।

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