पद्मावती रिलीज हुई तो एक दिसम्बर को भारत बंद

पद्मावती रिलीज हुई तो एक दिसम्बर को भारत बंद

Jitendra Rangey | Publish: Nov, 15 2017 05:05:17 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

पत्रकार वार्ता में राजपूत करणी सेना संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कहा

जयपुर। यदि पद्मावती फिल्म रिलीज होती है तो आगामी एक दिसम्बर को देश बंद कर दिया जाएगा। यह बात बुधवार को पत्रकार वार्ता में राजपूत करणी सेना संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कही। कालवी ने कहा कि गुजरात जैसे शांत राज्य में यह तय किया गया कि एक दिसम्बर को देश को बंद कर दिया जाए। अब फिल्म को लेकर कोई भ्रांति नहीं है। फिल्म में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। ऐसे में इसका प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है।


मिल रहा है देशभर से समर्थन
इसके प्रदर्शन रोकने को लेकर देशभर से लोगों का सहयोग मिल रहा है। हमारे बुजुर्गों ने आनबान के लिए सिर कटवा दिए थे। अभी तक अंहिसात्मक तरीके से फिल्म का विरोध किया जा रहा है। यदि फिल्म के निर्माता संजय लीला भंसाली का यही रवैया रहा तो राजपूत करणी सेना सभी तरीके अपनाएंगी। फिल्म के लेकर जो बयान आ रहे हैं कि फिल्म रिलीज होगी। क्यों इस तरह की स्थिति पैदा की जा रही है कि जोश में होश खो बैठे। करणी सेना के महिपाल सिंह मकरणा ने कहा कि यदि फिल्म सेंसर बोर्ड से फिल्म पास हो जाती है तो इसका हम विरोध करेंगे। फिल्म को रोकने को लेकर देशभर से समर्थन मिल रहा है।


जोहर की ज्वाला है, बहुत कुछ जलेगा
कालवी ने कहा कि जोहर की ज्वाला है। बहुत कुछ जलेगा। रोक सको तो रोक लो। एक बकवास पिछले सात-आठ दिन से चल रही है। एक दिसम्बर को पद्मावती फिल्म की जो रिलीज की बात की जा रहा है यह फिल्म एक दिसम्बर को नहीं लगेगी। फिल्म को रोकने को लेकर देशभर में जाकर लोगों से सम्पर्क किया जा रहा है।


तीस जनवरी को लिखित हुआ था एग्रीमेेंट
राजपूत करणी सेना के साथ तीस जनवरी को फिल्म को लेकर एग्रीमेंट हुआ था। इसके करणी सेना को विश्वास में लेकर फिल्म को चलाने की बात की जाएगी। कालवी ने कहा कि सिनेमेटोग्राफी एक्ट कहता है कि सेंसर बोर्ड की अनुमति से पूर्व फिल्म के प्रोमो रिलीज नहीं किए जा सकते हैं। सेंसर बोर्ड इतिहास की विवेचना नहीं करता है। उसकी अपनी सीमाएं हैं। सिनेमेटोग्राफी एक्ट का छह सेक्शन सी भारत सरकार को अधिकृत करता है कि फिल्म सेंसर बोर्ड से पास हो ना हो फिल्म को तीन महीने के लिए बंद किया जा सकता है।


ऐतिहासिक फिल्मों पर प्री सेंसर बोर्ड हो
कालवी ने बताया कि ऐतिहासिक फिल्मों के लिए प्री सेंसर बोर्ड होना चाहिए। सूचना प्रसारण मंत्रालय को इसके लिए कहा गया था। इसको लेकर लगभग-लगभग स्वीकृति प्राप्त कर ली गई थी। इसमें दो पत्रकार, दो इतिहासकार और एक जज हो। इसका काम इतिहास की विवेचना करना होना चाहिए।

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