संदिग्ध देशों की सूची में रहेगा पाकिस्तान, चीन-तुर्की-मलेशिया ने बचाया

एफएटीएफ ने चेताया: आतंक पर चार माह में कार्रवाई नहीं तो काली सूची में

 

Anoop Singh

22 Feb 2020, 01:37 AM IST


नई दिल्ली.
अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने आतंकवाद पर काबू पाने में नाकामी के कारण पाकिस्तान को जून तक संदिग्ध सूची (ग्रे लिस्ट) में ही रखने का फैसला किया है। साथ ही एफएटीएफ ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि यदि वह टेरर फंडिंग पर चार माह में आठ सूत्रों पर संतोषजनक कार्रवाई रिपोर्ट पेश नहीं करता है तो उसे काली सूची (ब्लैक लिस्ट) में डाल दिया जाएगा। एफएटीएफ की बैठक के दौरान चीन, तुर्की और मलेशिया के समर्थन के कारण पाकिस्तान काली सूची में जाने से बच गया। उल्लेखनीय है कि एफएटीएफ ने जून 2018 में पाकिस्तान को धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और आतंकवाद निरोधी कानूनों की समुचित पालना नहीं करने पर संदिग्ध देशों की सूची में डाल दिया था। पाकिस्तान को तब भी 15 माह में 27 सूत्रों पर कार्रवाई करने को कहा था।

8 बिंदु जिन पर पाकिस्तान को 4 माह में काम करना है
- एंटी मनी लॉन्ड्रिंग और एंटी टेरर फाइनेंशियल गतिविधियों पर कार्रवाई
- अवैध वित्तीय लेन-देन को चिन्हित कर रोक की कार्रवाई
- सीमापार अवैध लेनदेन पर प्रभावी अंकुश
- अवैध लेनदेन से जुड़े लोगों और संस्थाओं को चिन्हित कर सजा दिलवाना
- कार्रवाई करने के बाद प्रभावी अंकुश को बनाए रखना
- यूएन द्वारा घोषित आतंकवादियों पर प्रभावी वित्तीय अंकुश
- अवैध लेनदेन पर प्रशासनिक और आपराधिक दंड
- प्रतिबंधित किए गए लोग वित्तीय लेनदेन नहीं कर सकें

काली सूची में आया तो...
- कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगेंगे
- सभी वित्तीय लेन-देन पर कड़ी नजर

अभी 2 देश काली सूची में: उत्तर कोरिया और ईरान

27 बिंदुओं का था एक्शन प्लान, 13 बिंदुओं पर पाकिस्तान विफल

क्या है एफएटीएफ
ये पेरिस स्थित अंतर-सरकारी संस्था है। इसका काम गैर-कानूनी आर्थिक मदद को रोकने के लिए नियम बनाना है। एफएटीएफ की ग्रे या काली सूची में डाले जाने पर देश को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कर्ज मिलने में काफी कठिनाई आती है।

anoop singh Desk
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