यों फंसा पाकिस्तान: ना टोह लेने की बैठ रही जुगत, ना हमला करने की हिम्मत

यों फंसा पाकिस्तान: ना टोह लेने की बैठ रही जुगत, ना हमला करने की हिम्मत

Santosh Kumar Trivedi | Publish: Mar, 10 2019 08:28:20 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

संसद पर हमले के बाद बदले भारतीय सेना के युद्ध सिद्धांत कोल्ड स्टार्ट से घबराया पाकिस्तान अपनी सरहद पर फौज के जमावड़े के बावजूद कोई कदम उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

सुरेश व्यास पश्चिमी सरहद से
संसद पर हमले के बाद बदले भारतीय सेना के युद्ध सिद्धांत (वार डॉक्ट्रिन) कोल्ड स्टार्ट से घबराया पाकिस्तान अपनी सरहद पर फौज के जमावड़े के बावजूद कोई कदम उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। यहां तक कि भारतीय सीमा के आस पास होने वाली गतिविधियों की टोह लेने की कोशिशें भी उसी पर उलटी पड़ रही है। पुलवामा पर आतंकी हमले के बाद उपजे तनाव के चलते पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर अपनी सेना को राजस्थान और गुजरात से सटी अन्तरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात किया है। दोनों देशों की 1485 किलोमीटर लम्बी सरहद के सामने 15 फरवरी से ही पाकिस्तानी सेना का मूवमेंट शुरू हो गया था।

 

प्रयास हो रहे नाकाम:
रक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने युद्ध जैसे हालात बना रखे हैं। पाकिस्तानी सेना के रावलपिंडी मुख्यालय में सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कोर कमाण्डर्स की 239वीं कॉन्फ्रेंस में तैयारियों की समीक्षा की गई, लेकिन पाकिस्तानी फौज भारतीय सेना के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रेन के परिणामों को नहीं भांप पा रही। यही कारण है कि वह बार बार भारत की पश्चिमी सीमा की टोह लेने की कोशिश कर रही है। मानव रहित विमानों के जरिए अंदाजा लगाने के उसके प्रयास भारतीय वायुसेना की सुदृढ़ हुई वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस) के कारण लगातार नाकाम हो रहे हैं। पिछले दस दिन में उसने ऐसी तीन नाकाम कोशिशें की। पहली कोशिश गुजरात के कच्छ इलाके में 27 फरवरी को, इसके बाद बीकानेर सेक्टर के अनूपगढ़ में तथा हाल श्रीगंगानगर इलाके के हिन्दूमल कोट इलाके में की गई। इनमें से दो तो भारत की तरफ से मार गिराया गया।

 

मोर्चे पर तैनाती:
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने पश्चिम सरहद से भारत के आक्रमण की आशंका के मद्देनजर अपनी अहम सैन्य इकाइयों को मोर्चे पर तैनात कर रखा है। कराची स्थिति पाकिस्तानी सेना की चौथी कोर, लाहौर की 5वीं कोर, गुजरेवालां स्थित 30वीं कोर व रावलपिंडी की 10वीं कोर को राजस्थान व गुजरात के सामने वाली सीमा पर तैनात किया है। जैसलमेर के सामने स्थित घोटकी इलाके में 61वीं डिविजन की मौजूदगी की सूचना है। राजस्थान के श्रीगंगानगर इलाके की हिन्दूमल कोट से लेकर बाड़मेर के बाखासर इलाके तक की 1037 किलोमीटर लम्बी अंतरराष्ट्रीय सीमा के सामने पाकिस्तानी सेना का मूवमेंट देखा गया है।

 

जमीन से लेकर आसमान तक में मजबूत:
पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसे हालात 1971 के बाद 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद बने थे। भारतीय सेना के लगभग 11 महीने चले ऑपरेशन पराक्रम के बाद सेना ने कोल्ड स्टार्ट युद्ध सिद्धांत अपना रखा है। इसके तहत सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर समन्वय, नेटवर्क सेंट्रिक रणनीति और सडन अटैक की अवधारणा प्रयुक्त की जाती है। इसके अलावा वायु रक्षा प्रणाली को भी एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (अवाक्स), ग्राउंड राडार व कॉरोसैट उपग्रह की मदद से सुदृढ़ किया जा चुका है।

 

फोटो- प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned