पंचायत चुनाव में खूब बंट रही है हरियाणा की शराब, पुलिस ने तो महज इतना ही देखा

पंचायत चुनाव को लेकर मतदाताओं के बीच शराब बांटने की कोशिशों को उस समय झटका लगा जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच टीम ने शराब माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कॉमर्शियल वाहनों को जब्त किया है।

पंचायत चुनाव को लेकर मतदाताओं के बीच शराब बांटने की कोशिशों को उस समय झटका लगा जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच टीम ने शराब माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कॉमर्शियल वाहनों को जब्त किया है। पुलिस ने दो शराब तस्कर भी गिरफ्तार किए है। आरोपियों के पास से पुलिस ने शराब के 5760 पव्वे भी जब्त किए है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। एडिशनल कमिश्नर अशोक गुप्ता ने बताया कि झोटवाड़ा निवासी रामलाल मीणा ससुर के चौमंू स्थित मकान में रहकर वहीं पर हरियाणा से शराब मंगवाकर जयपुर में सप्लाई कर रहा है। पुलिस ने बुधवार तड़के चौमूं में वीर हनुमान बालाजी रोड पर कार्रवाई करते हुए बगैर नंबर की गाड़ी में 120 पेटी शराब बरामद की। तस्करी करने वालों में सीकर के गावली गांव निवासी बबलू मीणा और झोटवाड़ा श्रीरामपुरी कॉलोनी हाल वीर हनुमान रोड चौमूं निवासी रामलाल मीणा है। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ में पता चला कि बबलू हरियाणा के नारनौल से शराब भरकर रामलाल को चौमूं में लाकर देता था। रामलाल शराब को शहर और ग्रामीण इलाकों में खपाता था। बबलू और रामलाल का ननिहाल सीकर के नीमकाथाना में नया बास में है। पिछले दस सालों से दोनों में अच्छी जान पहचान है। दोनों अवैध शराब के कारोबार में लिप्त है।
पंचायत चुनाव में रोजाना कर रहे सप्लाई

आरोपियों ने खुलासा किया कि जयपुर ग्रामीण इलाके में पंचायत चुनाव- 2020 होने के कारण शहर के आसपास हरमाड़ा, झोटवाड़ा, कालवाड़, आमेर इलाके में पंचायत चुनाव के कारण मांग अधिक हो गई है। इसलिए रोजाना इन इलाकों में शराब सप्लाई करता है।
झोटवाड़ा का हिस्ट्रीशीटर है रामलाल

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रामलाल मीणा झोटवाड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। मारपीट, राजकार्य में बाधा व अवैध शराब के मामले दर्ज है। छोटे भाई के साथ मिलकर रामलाल शराब तस्करी के काम में सक्रिय है। बबलू मीणा से पूछताछ में सामने आया कि नारनौल हरियाणा से शराब भरकर निजामपुर, खेतडी, डाबला, रींगस होते हुए चौमूं पहुंचता है लेकिन पूर्व में गिरफ्तार हो जाने के कारण चौमूं में रामलाल के मकान में डिलीवरी कर देता है। शराब की गाड़ी का एक चक्कर करने पर 50 से 60 हजार रुपए की कमाई करता है। बबलू पर आधा दर्जन मामले दर्ज है। इनमें मारपीट, अवैध शराब तस्करी व पुलिस सीकर के थाना थोई के पास से मुल्जिम को भगा ले जाने का मामला शामिल है।
शराब तस्करी में मोटा मुनाफा इसलिए पनपती है गैंग

पुलिस ने बताया कि शराब तस्करी में मुनाफा अधिक होता है इसलिए तस्करी में बड़े बदमाश भी शामिल होते है और गैगवार की आशंका बनी रहती है। ये इतने शातिर होते है कि पुलिस और विरोधी गैंग से सामना होने पर टकराने से भी नहीं चूकते। आरोपी बबलू ने भी कार के आगे-पीछे मोटी लोहे की गार्टर लगा रखी है। अंदर लोहे का पाइप रख रखा है। इससे आमना-सामना होने पर टक्कर मारकर भागा जा सके।
तीन दिन पहले भी पकड़ा गया कुख्यात तस्कर

इससे पहले पुलिस ने 12 जनवरी को कुख्यात तस्कर कानाराम जाट निवासी सरना डूंगर करधनी को 23 पेटी शराब के साथ गिरफ्तार किया था। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कानाराम गुंडा एक्ट में तड़ीपार किया गया था। अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री और शराब तस्करी के मामले दर्ज है।

Dinesh Gautam
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