बच्चों को सिखाएं कई भाषाएं

अधिक भाषाओं की जानकारी व्यक्तित्व को निखारती है। ऐसे में बच्चों को कई भाषाएं सिखानी चाहिए।

शुरू कब करें
पेरेंट्स के सामने यह भी एक सवाल होता है कि बच्चे को अलग-अलग भाषाएं सिखाना कब से शुरू करें। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब बच्चा बोलने और पढऩे लगे तो उसे कोई भी नई भाषा सिखानी शुरू की जा सकती है।

उसे माहौल दीजिए
ध्यान रखिए कि बच्चा कोई भी भाषा तभी अच्छी तरह सीख पाता है जब उसके आसपास का माहौल वह भाषा सीखने में सहायक हो। परिवार के सदस्यों को भी उसके साथ वह भाषा सीखने की कोशिश करनी चाहिए। बच्चे को उन जगहों पर ले कर जाएं, जहां भाषा के जानकार हों। उस भाषा में किताबें उपलब्ध हों।

बढ़ता है दायरा
अधिक भाषाएं सीखने से बच्चे का दायरा बढ़ता है। अलग-अलग देशों के रहन-सहन, खानपान और सांस्कृतिक जानकारियों में बढ़ोतरी होती है।

कम्यूनिकेशन स्किल
कई भाषाओं की समझ से कम्यूनिकेशन स्किल निखरती है। इससे बच्चे को मनोवैज्ञानिक बढ़त भी मिलती है, जो व्यक्तित्व विकास में मददगार होती है.

आत्मविश्वास में बढ़ोतरी
कई भाषाओं की जानकारी आत्मविश्वास में वृद्धि करती है, जिसका फायदा आगे चलकर जीवन के हर क्षेत्र में मिलता है।

नौकरी में मददगार
आगे नौकरी, यात्रा और लोगों से मुलाकात के दौरान कई भाषाओं की जानकारी मददगार साबित होती है।

Chand Sheikh Desk
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