अपनों की पीड़ा कब तक संयम बरतें हमारे बच्चे

अपनों की पीड़ा कब तक संयम बरतें हमारे बच्चे

Avinash Bakolia | Updated: 14 Jun 2018, 08:36:25 PM (IST) जयपुर, Rajasthan, India

पाकिस्तान की नापाक हरकतों से शहीद सपूतों के परिजनखासे खफा है। उनका कहना है कि पाकिस्तान को हमें अब निर्णायक जवाब देना ही चाहिए।

पाकिस्तान को प्यार की भाषा नहीं समझ आती और न ही वह समझ सकता है। हमारे देश के राजनेता अपनी ईमेज अच्छी बनाने के चक्कर में सख्त एक्शन नहीं ले रहे हैं। इस वजह से हमें हमारे बच्चों को खोना पड़ रहा है। अब समय आ गया है पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने का। सरकार को अपनी पॉलिसी में बदलाव करना चाहिए। बेटा जब कारगिल में था तब उसने लिखा था कि 'हमारे ऊपर दुश्मन पहले फायर करता है हम केवल रिप्लाई देते हैं। हमें ऑर्डर ही नहीं मिलते पहले फायर करने का। हमें हमेशा संयम बरतने के लिए कहा जाता है। आखिर हमारे बच्चे कब तक संयम बरतेंगे। सरकार को अब जवाब देना चाहिए। बेकार की ईमेज बनाना बंद कर दें।

 

ओमप्रकाश शर्मा(शहीद कैप्टन अमित भारद्वाज के पिता)

 

घर के भेदी ही देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यदि प्रधानमंत्री कुछ सख्त कदम उठाना चाहते है।, तो उन्हें उनके ही पॉलिटिशियन नहीं उठाने देती। पाकिस्तान कभी भी ईमानदार नहीं हो सकता। यह देश हैवानियत से भी बेकार है। हमारी सेना को पूरा मौका मिले तो वह पाकिस्तान का खात्मा कर देगी। हमारी सेना बोलती है ७२ घंटे दे दीजिए हम पाकिस्तान को सबक सिखा देंगे, तो क्यों नहीं मौका दे रहे हैं। जब तक डर नहीं होगा तब तक आतंकवाद बढ़ेगा। हमारे देश के राजनेताओं के परिवार से कोई शहीद नहीं हुआ इसलिए उन्हें पता ही नहीं घर से जब बच्चा देश के लिए शहीद होता है तो घर वालों पर क्या गुजरती है। राजनेता केवल अपना फायदा देखते हैं।

 

अजय अग्रवाल(शहीद मेजर योगेश अग्रवाल के पिता)

 

आज की परिस्थिति में हमारे देश की सरकार को बहुमत प्राप्त है। सशक्त सरकार है। इसलिए सीज फायर का कोई अर्थ नहीं रह गया है। सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए और पीओके (पाक ऑक्यूपाइड कश्मीर) को कब्जे में लेना चाहिए। पीओके वह जगह है जहां आतंकवादी पनपते हैं वहां आतंकवादियों की ट्रेनिंग देते हैं। पाकिस्तान हमारी जमीन का इस्तेमाल कर आतंकवादी तैयार कर कश्मीर के रास्ते हमारे देश में एंट्री करवाता है। पीओके पर सरकार यदि कब्जा कर लेगी तो आतंकवादियों की कमर टूट जाएगी। शहीदों के खून के हर कतरे का बदला लेना देश का फर्ज है। हमारी डिफेंस के पास सारी सुविधाएं हैं। हमारे नेताओं को डिसिजन लेने की कमी है। इच्छा शक्ति की कमी है। यदि इच्छा शक्ति हो तो पाकिस्तान को कुछ ही घंटों में सबक सिखाया जा सकता है। 

 

कैप्टन आर.एस. माथुर (शहीद मेजर आलोक माथुर के पिता)

 

हमारी सरकार अच्छा काम कर रही है। पिछली सरकार में शहीदों के लिए कुछ नहीं किया। उस वक्त की सरकार ने मुझे कहा था कि बेटे को शहीद होने के लिए ही भेजा था। भारत कभी भी पहल नहीं करेगा। वह तभी एक्शन लेगा जब फुल एंड फाइनल करना होगा। हालांकि अब सेना एंक्शन लेने लग गई है। सीज फायर को कोई रोक नहीं सकते, लेकिन तुरंत एक्शन करना चाहिए। जब सर्जिकल स्ट्राइक हुआ था तब राजनीति में बैठे लोगो

 

खुलकर एक्शन लेने का मतलब यह होता है कि राजनेता खुलकर हल्ला मचाने लग जाएंगे। अभी की सरकार पाकिस्तान पर दबाव बना रही है। जो लोग पत्थरबाजी कर रहे हैं उन्हें ही पाकिस्तार भेज देना चाहिए।

 

माधुर सिंह(फ्लाइंग ऑफिसर शहीद अभिमन्यु सिंह की मां)

 

 

अभी आतंकवादियों के ऊपर बहुत दबाव बनाया हुआ है। फौज को बहुत अधिकार दिए हुए हैं। आतंकवादी घबराए हुए हैं। एलओसी के पार से भी जब पाक सेना फायर करती है तो वे घबराती हैं यदि एक गोली चलाएंगे तो भारतीय सेना बहुत गोली चलाएगी। पहले उनकी निडरता थी कि हम कर लेंगे तो भारतीय सेना कुछ नहीं कर पाएगी। आतंकवादियों को बिल से निकाल रहे हैं। वहां की आर्मी अफगानिस्तान, सिंध, बलूचिस्तान फ्रंट को संभालना पड़ रहा है। पहले उस फ्रंट को पाक सेना ने ढीला छोड़ा हुआ था। क्योंकि जो भी एक्टिविटी करते थे तो हम जवाब कम देते थे। अब तुरंत जवाब मिल जाता है। मेरे भाई मेजर अक्षय पारीक भी फौज में है।

 

शिल्पा पारीक (शहीद ले.अभय पारीक की बहन)

 

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