मोदी ने कहा,पक्ष—विपक्ष से ज्यादा निष्पक्ष होना जरूरी

विपक्ष नंबर की चिंता छोड़े, लोगों के मुद्दे उठाए

नई लोकसभा में प्रचंड बहुमत हासिल करने के कारण एनडीए में जहां भारी आत्मविश्वास है, वहीं विपक्ष का मनोबल टूटा हुआ है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सत्र से एक दिन पहले तक कांग्रेस लोकसभा में अपने संसदीय दल का नेता तक नहीं चुन पाई है.

By: Anand

Published: 17 Jun 2019, 11:20 AM IST

 

 

 

17वीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो गया है. सदन में जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया.इस दौरान प्रधानमंत्री ने सदन की कार्रवाई सुचारू रूप से चलाने के लिए विपक्ष से सहयोग की अपील की. मोदी ने कहा कि विपक्ष नंबर की चिंता छोड़े और जनता के मुद्दे उठाए.प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की भारी जीत का जिक्र किया. मोदी ने कहा कि विपक्ष देश के लोकतंत्र के लिए काफी अहम है. इसलिए उन्हें सरकार के कामों में अड़ंगे नहीं लगाना चाहिए, बल्कि काम में सहयोग करना चाहिए.मोदी ने आगे कहा हमारे लिए विपक्ष की भावना मूल्यवान है. संसद में हम पक्ष-विपक्ष को छोड़ निष्पक्ष की तरह काम करें. हमें उम्मीद है कि इस बार सदन में अधिक काम होगा.जब सदन चला है, तो देशहित के निर्णय अच्छे हुए हैं. आशा करता हूं कि सभी दल साथ आएं, लोकतंत्र में विपक्ष का सक्रिय होना जरूरी है.पक्ष-विपक्ष से ज्यादा निष्पक्षता की भावना महत्व रखती है. हम आने वाले पांच सालों के लिए इस सदन की गरिमा को उपर उठाने का प्रयास करेंगे. इसमें विपक्ष का सहयोग अपेक्षित है.बता दें कि संसद का ये सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक चलेगा. इस सत्र में कई बातें नई होंगी. इस बार ऐसे कई चेहरे संसद में नहीं दिखाई देंगे, जो दशकों तक लोकसभा या राज्यसभा में अपनी छाप छोड़ते आए हैं. इनमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अरूण जेटली, सुषमा स्वराज, ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हैं. इस सत्र में तीन तलाक सहित कई अहम बिलों और 5 जुलाई को पेश होने जा रहे आम बजट पर भी निगाहें होंगी.

BJP Congress
Anand Reporting
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