कोरोना का असर : पर्यूषण महापर्व पर ऑनलाइन बहेगी जिनालयों में ज्ञान की गंगा,देखें वीडियो

श्वेतांबर जैन समाज का पर्यूषण महापर्व आज से शुरू

सोशल डिस्टेंस के साथ होंगे स्वाध्याय का वाचन, भक्ति संगीत सहित अन्य कार्यक्रम

By: SAVITA VYAS

Published: 15 Aug 2020, 12:18 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर। भाद्रपद कृष्ण पक्ष एकादशी आज से श्वेतांबर जैन समाज के आठ दिवसीय पर्यूषण महापर्व की शुरुआत हुई। आत्म शुद्धि एवं तप साधना के लिए खास माने जाने वाले इस पर्व पर कोरोना हावी रहेगा। पहली बार शहर के मंदिरों में सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो रहे हैं। शहर में श्वेतांबर जैन संघों ने पर्व को नए रूप व तकनीक के साथ मनाने का निर्णय लिया है। जूम एप पर क्षमापना पर्व और भगवान महावीर का जन्म होगा। मंदिरों में चातुर्मास के लिए प्रवासरत मुनियों और साध्वियों के सान्निध्य में पूजा सहित अन्य कार्यक्रम पुजारियों,ए सेवकों और दो से तीन पदाधिकारियों की मौजूदगी में सामाजिक दूरी की पालना के साथ होंगे। भक्तों का मंदिर में प्रवेश निषेध रहेगा। सभी कार्यक्रम ऑनलाइन साझा किए जाएंगे। श्रावक-श्राविकाओं से घरों से पूजन की अपील की है। शाम को भक्ति संगीत कार्यक्रम का प्रसारण भी ऑनलाइन होगा।

झोटवाड़ा स्थित जैन श्वेतांबर स्थानकवासी संस्था की अगुवाई में ज्ञानचंद्र म.सा.के सान्निध्य में कार्यक्रम होंगे। संस्था के महामंत्री शांतिलाल डोसी ने बताया कि सुबह जैन धर्म का मूलशास्त्र अंतगढ़ सूत्र का स्वाध्याय वाचन हुआ। इसके बाद अनुप्रेक्षा धर्मकथा होगी। साथ ही विश्व शांति के लिए आठ दिनों तक 24 घंटे नवकार मंत्र के पाठ होंगे। सामाजिक दूरी की पालना के साथ चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम होंगे। विद्याधर नगर स्थित तेरापंथ भवन में साध्वी ललित प्रभा, मालवीय नगर अणुविभा केंद्र में साध्वी मंगल प्रभा, सोडाला स्थित भिक्षु साधना केंद्र में साध्वी सत्यवती, जनता कॉलोनी स्थित एक भवन में मुनि शीतल म.सा., गलता गेट स्थित मोहनबाड़ी में होने वाले कार्यक्रमों को ऑनलाइन साझा किया जाएगा।

जैन श्वेतांबर संघ,जवाहर नगर में चार्तुमास के लिए विराजित आचार्य कुलचंद्र सूरीश्वर (केसी) म.सा.सहित अन्य साधु साध्वियों की निश्रा में कार्यक्रम होंगे। संघ महामंत्री नितिन दुग्गड़ ने बताया कि कार्यक्रमों को ऑनलाइन दिखाया जाएगा। दादाबाड़ी श्रीमाल सभा अध्यक्ष, सुनील कुमार जैन, संघ मंत्री शांतिचंद जरगड़ ने बताया कि आठ दिनों तक सामूहिक कार्यक्रम नहीं होंगे। महावीर जन्मोत्सव के दिन सपनों के चढ़ावें, जन्मवाचन और पालना के कार्यक्रम सूक्ष्म स्तर पर होंगे। मोतीडूंगरी रोड स्थित दादाबाड़ी में साध्वी मणिप्रभा श्रीजी म.सा.आदि ठाणा के सान्निध्य में कार्यक्रम होंगे।

साधना में रहेंगे लीन
विनोद टांक ने बताया कि पर्व पूर्ण आत्म शुद्धि के लिए मनाया जाता है। हर व्यक्ति अपनी क्षमता अनुसार इसमें व्रत, जप, संयम व साधना द्वारा पूर्ण करता है। जैन धर्म सादगीपूर्ण, अहिंसावादी जीवन जीने को प्रेरित करता है। केवल आत्म उत्थान ही नहीं, बल्कि पूर्ण वैज्ञानिक दृष्टि से भी व्यक्ति को शुद्धि प्रदान करता है। इस पर्व के दौरान अनुयायी फ ल व सब्जी का त्याग कर उच्च प्रोटीन आहार लेते हैं।

मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद् राजस्थान सहित कई संगठनों ने जैन धर्मावलंबियों के पर्यूषण पर्व एवं दशलक्षण महापर्व के दौरान राज्य के सभी बूचडख़ाने बंद करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। गौरतलब है कि पर्यूषण पर्व 15 अगस्त से 23 अगस्त एवं दशलक्षण महापर्व 23 अगस्त से 1 सितम्बर तक रहेगा।

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