मरीजों के टलते रहे ऑपरेशन, सरकार और रेजिडेंट अड़े रहे

दूसरे दिन भी हड़ताल से बिगड़ी स्थिति

सवाई मानसिंह अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में मरीज होते रहे परेशान, आइसीयू और वार्ड में सर्वाधिक परेशानी

जयपुर। रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सुबह से शाम तक मरीज मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में परेशान होते रहे। रात को सचिवालय में चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया के साथ रेजिडेंट डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई। इससे पहले दिनभर ऑपरेशन थियेटर, आउटडोर, वार्ड और आइसीयू में मरीज परेशान होते रहे। राजधानी के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में करीब १५० ऑपरेशन टाले गए। वहीं प्रदेशभर में सैकड़ों ऑपरेशन प्रभावित होने की सूचना है। राजधानी जयपुर में एसएमएस, जेकेलोन, जनाना, महिला, गणगौरी, श्वांस रोग आदि अस्पतालों पर सर्वाधिक असर पड़ा। आपातकालीन इकाई में आने वाले कई मरीजों को मजबूरन दूसरे अस्पताल में उपचार के लिए जाना पड़ा।

देर रात तक करते रहे वार्ता का इंतजार
जयपुर में रेजिडेंट डॉक्टर्स देर रात तक सरकार से वार्ता का इंतजार करते रहे। उन्होंने बताया कि रात को उनके पास मैसेज आया था कि सरकार उन्हें वार्ता के लिए बुला सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की वार्ता न होने से रेजिडेंट डॉक्टरों में रोष व्याप्त है।

१५ दिन का वादा तोड़ा सरकार ने

जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स जार्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि रेजिडेंट डॉक्टरों की मांगों पर १६ नवंबर को स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के साथ वार्ता हुई थी। जिसमें मांगों पर समाधान के लिए १५ दिन का समय मांगा था। इसके बाद सोमवार को हुई वार्ता में भी कोई नतीजा नहीं निकला। सरकार उनकी मांगों पर जब तक लिखित आदेश नहीं निकालती है तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।

प्रदेश भर में रहे हालात खराब
जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को इनडोर व आउटडोर में व्यवस्थाएं प्रभावित रही। आउटडोर में रेजिडेंट डॉक्टर्स के अभाव में मरीजों-परिजनों को कतार में खड़े रहना पड़ा। भर्ती मरीजों की सार संभाल रामभरोसे रही। कई जगहों पर सीनियर डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट, एमसीएच व डीएम के स्टूडेंट्स व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। उदयपुर में रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान दो दिन में १०० ऑपरेशन टालने पड़े हैंं। बीकानेर में ओपीडी में महज ४६२७ मरीज ही पहुंचे। अजमेर में भी कार्य बहिष्कार के दौरान रेजिडेंट डॉक्टरों ने इमरजेंसी के सामने प्रदर्शन किया।

manoj sharma
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