भू-प्रबंध विभाग ने मांगे 12 जिलों के लिए पटवारी, इतने रिक्त पदों पर किए जा सकते हैं आवेदन

भू-प्रबंध विभाग ने मांगे 12 जिलों के लिए पटवारी, इतने रिक्त पदों पर किए जा सकते हैं आवेदन

Nidhi Mishra | Updated: 14 Jul 2019, 11:29:37 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

भू-प्रबंध विभाग ने 12 जिलों में भूमि के डिजिटल रिकॉर्ड बनाने के लिए राजस्व मंडल से पटवारी मांगे हैं।

अजमेर/ जयपुर। भू-प्रबंध विभाग ने 12 जिलों में भूमि के डिजिटल रिकॉर्ड बनाने के लिए राजस्व मंडल से पटवारी मांगे हैं। इसको लेकर अतिरिक्त भू-प्रबंध आयुक्त ने राजस्व मंडल को पत्र भेजा है।

 

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अतिरिक्त भू-प्रबंध आयुक्त महेंद्र कुमार पारख ने बताया कि केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम के तहत भूमि के डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के अजमेर, जयपुर, बाड़मेर, राजसमंद, बांसवाड़ा, झालावाड़, श्रीगंगानगर, चूरू, हनुमानगढ़, भीलवाड़ा और टोंक सहित 12 जिलों में कार्य किया जा रहा है। इसमें 123 तहसील ऑनलाइन हो चुकी हैं। इन जिलों में सर्वेक्षण कार्य में भू-मापक/अमीन की अहम भूमिका है।


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637 पद रिक्त
भू-प्रबंध आयुक्त अम्बरीश कुमार ने बताया कि प्रदेश में भू-मापक और अमीन के 637 पद रिक्त हैं। डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम के तहत पटवारियों को भू-मापक/अमीन पद पर पदस्थापित किया जाना है। भू-प्रबंध कार्य और पटवारी नामांतरण प्रक्रिया में दक्ष हैं। केंद्र सरकारी की योजनान्तर्गत आधुनिक सर्वेक्षण एवं अभिलेखन के लिए इच्छुक पटवारियों का पदस्थापन किया जाना है। इच्छुक पटवारी आवेदन कर सकते हैं।

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Patwari Recruitment In Bhu Prabandh Vibhag Rajasthan

योग्यताएं एवं शर्तें
- भू-मापक/अमीन पद पर तीन वर्ष के लिए पदस्थापन। बाद में अवधि बढ़ाई जा सकती है दो साल तक
- राज्य सरकार के नियमानुसार होंगी सेवा-शर्तें अैार वेतन-भत्ते
- आवेदक हों इंटरनेट और स्मार्टफोन उपयोग करने में दक्ष
- पटवारी सेवा में न्यूनतम दो और अधिकतम दस साल पूर्ण हो

 

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उधर, कांग्रेस सरकार आने के बाद उम्मीद लगाए बैठे राजस्थान रोडवेज की पहले ही बजट में ( Rajasthan Budget 2019 ) झोली खाली रही। हर विभाग को कुछ न कुछ मिला है, लेकिन रोडवेज का कॉलम खाली ही रहा।

 

रोडवेज प्रबंधन को तत्काल नई बसों की खरीद के साथ ही 5 हजार से ज्यादा खाली पड़े पदों ( rajasthan roadways Bharti ) पर भर्ती की इजाजत मिलने की उम्मीद थी। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में रोडवेज ( Rajasthan Roadways ) को वेतन-भत्तों के लिए हर माह मिलने वाली 45 करोड़ रुपए की किस्त भी वित्तीय वर्ष के अप्रेल माह से अटकी हुई है।

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