Paush Month सूर्योपासना का माह, सूर्य के समान भाग्य चमकाने के लिए आजमाएं ये सरल उपाय

मार्गशीर्ष या अगहन माह 30 दिसंबर को पूर्णिमा के साथ ही समाप्त हो जाएगा। इसी के साथ सूर्य की उपासना का माह पौष शुरू हो जाएगा। इस बार पौष माह 31 दिसंबर 2020 से 28 जनवरी 2021 तक चलेगा। सूर्य देव की पूजा के लिए यह माह विशेष महत्व रखता है। इस माह में अदरक , अजवायन और लौंग का सेवन हितकारी कहा गया है।

By: deepak deewan

Updated: 31 Dec 2020, 08:40 AM IST

जयपुर. मार्गशीर्ष या अगहन माह 30 दिसंबर को पूर्णिमा के साथ ही समाप्त हो जाएगा। इसी के साथ सूर्य की उपासना का माह पौष शुरू हो जाएगा। इस बार पौष माह 31 दिसंबर 2020 से 28 जनवरी 2021 तक चलेगा। सूर्य देव की पूजा के लिए यह माह विशेष महत्व रखता है। इस माह में अदरक , अजवायन और लौंग का सेवन हितकारी कहा गया है।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि सूर्यदेव राजकीय कामकाज, यश-सम्मान के कारक हैं। मान्यता है कि पौष मास में सूर्य देव की नियमित उपासना करनेवाले का भाग्य सूर्य के समान चमक उठता है। सूर्योपासना से स्वास्थ्य सुख और संपन्ननता प्राप्त होती है। पौष माह में सूर्यदेव की पूजा जरूर करना चाहिए। इस माह में गर्म कपड़े और अनाज का दान करना चाहिए।

इस माह में सूर्यदेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए रोज़ सुबह सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल में रोली और लाल रंग के पुष्प डालकर सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए। जल चढ़ाते समय गायत्री मंत्र या सूर्यदेव के सरल मंत्र ऊं आदित्याय नमः का जाप करना चाहिए। इस माह आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ बहुत फलदायी होता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार पौष माह में लाल रंग के वस्त्रों का अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए। इससे सौभाग्य बढ़ता है। पौष माह में खानपान में हल्का से बदलाव करके भी सूर्य कृपा पाई जा सकती है। इस माह में बासा भोजन कतई न करें। नमक का सेवन कम करना चाहिए। चीनी की बजाए गुड़ का सेवन करें। इस माह सूखे मेवे और स्निग्ध़ चीज़ों का सेवन करें।

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