गुरू पुष्य योग सहित अनेक शुभ संयोगों में आ रही पौष पूर्णिमा

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By: deepak deewan

Published: 27 Jan 2021, 05:04 PM IST

जयपुर. सनातन धर्म में पूर्णिमा का बहुत महत्व है। इनमें भी पौष माह की पूर्णिमा यानि पौष पूर्णिमा की अधिक महत्ता है। पौष पूर्णिमा को मोक्षदायिनी कहा गया है। इस दिन गंगा स्नान या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने, पूजा-पाठ और दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। इसे शाकंभरी पूर्णिमा भी कहते हैं, इसी दिन शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है और शाकंभरी नवरात्रि का भी समापन हो जाता है। पौष पूर्णिमा पर पौष माह का समापन होता है और इसी दिन पवित्र माघ स्नान भी प्रारंभ हो जाता है। पौष पूर्णिमा की इसी विशेषता की वजह से इसे पौष पर्व की संज्ञा दी गई है।

पौष माह की पूर्णिमा तिथि पर तीर्थ स्थानों या पवित्र नदियों में स्नान का महत्व है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि मान्यता है कि इस दिन पवित्र स्नान से जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है। इस बार पौष पूर्णिमा 28 जनवरी यानि गुरूवार को है। पौष पूर्णिमा की तिथि को लेकर इस बार कोई मतभिन्नता नहीं हैै। 28 जनवरी को सूर्याेदय के समय पूर्णिमा तिथि ही रहेगी और इसका पुण्यकाल सूर्यास्त तक बना रहेगा। इसी दिन स्नान, दान और व्रत रखा जाएगा।

पौष माह सूर्याेपासना के लिए जाना जाता है और पौष पूर्णिमा के दिन सूर्याेदय के पूर्व स्नान कर सूर्यपूजन करने से इसकी पूर्णता हो जाती है। खास बात यह है कि पौष पूर्णिमा को ही पावन माघ स्नान का संकल्प लिया जाता है। पौष पूर्णिमा के दिन तीर्थ स्नान का सबसे ज्यादा महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का विधान है। यही कारण है कि इस दिन समूचे उत्तर भारत में करोडों लोग सूर्याेदय के पूर्व गंगा में डुबकी लगाते है। यमुना और नर्मदा में भी पवित्र स्नान की परंपरा है। पौष पूर्णिमा पर घर में ही स्नान कर रहे हों तो पानी में गंगाजल या नर्मदा जल मिलाकर नहाना चाहिए।

इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद व्रत और दान का संकल्प लेना चाहिए। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार इस बार पौष पूर्णिमा अनेक शुभ संयोग के साथ आ रही है। 28 जनवरी को सूर्याेदय के समय गुरु पुष्य योग बन रहा है जिसमें प्रायः ज्वैलरी आदि खरीदी जाती है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है जिसमें प्रारंभ किया गया हर काम सफल होता है। इतना ही नहीं पौष पूर्णिमा पर अमृतसिद्धि योग भी बन रहा है जिसमें शुरू किया गया काम स्थायित्व देता है। इन शुभ योगों ने पौष पूर्णिमा की महत्ता बढ़ा दी है।

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