petrol and diesel: पेट्रोल-डीजल 20वें दिन महंगा, पेट्रोल 23 पैसे और डीजल 17 पैसे महंगा

विदेशों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के (Diesel petrol price) बावजूद एक बार फिर घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल ( petrol and diesel ) के दामों में बढ़ोतरी देखी गई। शुक्रवार को लगातार 20वें दिन डीजल जहां 17 पैसे महंगा हुआ वहीं पेट्रोल ( Today Petrol price ) की कीमत में 23 पैसे का इजाफा हुआ है। पिछले 20 (Crude oil price) दिनों में डीजल की कीमत में 10.66 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पेट्रोल (Government oil companies) भी 9.46 रुपए महंगा हुआ है।

By: Narendra Kumar Solanki

Updated: 26 Jun 2020, 01:31 PM IST

जयपुर। विदेशों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद एक बार फिर घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी देखी गई। शुक्रवार को लगातार 20वें दिन डीजल जहां 17 पैसे महंगा हुआ वहीं पेट्रोल की कीमत में 23 पैसे का इजाफा हुआ है। पिछले 20 दिनों में डीजल की कीमत में 10.66 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पेट्रोल भी 9.46 रुपए महंगा हुआ है। शुक्रवार को जयपुर में पेट्रोल के दाम 23 पैसे चढ़कर 87.25 रुपए एवं डीजल 17 पैसे की तेजी के साथ 80.99 रुपए प्रति लीटर पर आ गए। गुरुवार को पेट्रोल 17 पैसे चढ़कर 87.02 रुपए एवं डीजल 14 पैसे की तेजी के साथ 80.82 रुपए प्रति लीटर पर आ गए थे। सात जून से सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में किए जाने वाले रोजाना बदलाव को दोबारा शुरू कर दिया।
70 फीसदी हिस्सा एक्साइज ड्यूटी और वैट
पेट्रोल पंप कीमत का 70 फीसदी हिस्सा तो केवल एक्साइज ड्यूटी और वैट के रूप में है। यह विश्व में सबसे ज्यादा लगने वाला टैक्स है। महानगरों में पेट्रोल का औसत मूल्य ८४ रुपए प्रति लीटर है। बेस प्राइस 18 रुपए प्रति लीटर है, एक्साइज ड्यूटी करीब 33 रुपए है और वैल्यू ऐडड टैक्स 16 रुपए प्रति लीटर है।

85 फीसदी कच्चा तेल बाहर से आता है
भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की मांग भले ही तेजी से बढ़ी हों, लेकिन उत्पादन पर्याप्त नहीं है। ऐसे में हमें अपनी आवश्यकता का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करना पड़ता है। जाहिर है कि यदि विदेशी बाजार में यह महंगा होता तो घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल महंगा होगा और कच्चा तेल सस्ता होगा तो पेट्रोलियम उत्पाद सस्ता होता है तो यह सस्ता होगा।

तेल के खेल में सरकार का बड़ा हाथ
पिछली बार साल 2014 से 2016 के बीच कच्चे तेल के दाम तेजी से गिर रहे थे तो सरकार इसका फायदा आम लोगों को देने के बजाय एक्साइज ड्यूटी के रूप में अपनी आमदनी बढ़ाती रही। नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच केंद्र सरकार ने 9 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाया और केवल एक बार राहत दी। ऐसा करके साल 2014-15 और 2018-19 के बीच केंद्र सरकार ने तेल पर टैक्स के जरिए 10 लाख करोड़ रुपए कमाए। वहीं राज्य सरकारें भी इस बहती गंगा में हाथ धोने से नहीं चूकीं। पेट्रोल-डीजल पर वैट ने उन्हें मालामाल कर दिया। साल 2014-15 में जहां वैट के रूप में 1.3 लाख करोड़ रुपए मिले तो वहीं 2017-18 में यह बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपए हो गया। इस बार जब कोरोनावायरस की वजह से कीमतें घटनी शुरू हुई तो केंद्र सरकार ने इस पर टैक्स बढ़ा दिया। इसी राह पर राज्य सरकारें भी चलीं और उन्होंने भी वैट बढ़ा दिया।

प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत
बता दें कि प्रति दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोडऩे के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

जानिए आपके शहर में कितना है दाम
पेट्रोल-डीजल की कीमत आप एसएमएस के जरिए जान सकते हैं। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, आपको आरएसपी और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजना होगा। हर शहर का कोड अलग-अलग है, जो आपको आईओसीएल की वेबसाइट से मिल जाएगा।

Narendra Kumar Solanki Desk
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